गुरुवार, 13 अप्रैल, 2006 को 03:12 GMT तक के समाचार
जोधपुर की अदालत से ज़मानत मिलने के बाद सलमान ख़ान को जेल से रिहा कर दिया गया है. उन्हें शिकार मामले में पाँच साल की सज़ा सुनाई गई थी.
उन्हें दो लाख रुपए के निजी मुचलके पर रिहा करने का आदेश दिया है. साथ ही उनसे 25 हज़ार रुपए जुर्माना अदा करने को कहा गया है.
सलमान ख़ान के वकील ने निचली अदालत के फ़ैसले को चुनौती दी थी और मानवीय आधार पर उन्हें ज़मानत पर रिहा करने को कहा था.
अदालत ने सलमान ख़ान को चिंकारा के शिकार के मामले में दोषी क़रार देते हुए पाँच साल जेल और 25 हज़ार जुर्माने की सज़ा सुनाई थी.
फ़ैसले के बाद सलमान ख़ान को जोधपुर केंद्रीय कारागार भेज दिया गया था जहाँ उन्होंने तीन रातें गुजारीं.
चिंकारा के शिकार का मामला 1998 का है. सलमान पर आरोप है कि उन्होंने 1998 में फ़िल्म 'हम साथ साथ हैं' की शूटिंग के दौरान चिंकारा को मारा था.
जोधपुर में मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत ने सोमवार को सलमान खान को वन्य जीव संरक्षण क़ानून के तहत शिकार का दोषी क़रार दिया है और सज़ा सुनाई.
वन्य जीवन क़ानून की धारा 51 और 52 के तहत अधिकतम छह साल की सज़ा का प्रावधान है.
सलमान खान के ख़िलाफ़ काले हिरण के शिकार के सिलसिले में भी एक मामला चल रहा है.
यह मामला जोधपुर की एक अदालत में लंबित है और जल्द ही इस मामले में भी सुनवाई शुरू होने वाली है.