गुरुवार, 13 अप्रैल, 2006 को 02:36 GMT तक के समाचार
केंद्र सरकार ने सरदार सरोवर बाँध की ऊंचाई की समीक्षा करने का फ़ैसला किया है. इसी मुद्दे को लेकर नर्मदा बचाओ आंदोलन की नेता मेधा पाटकर भूख हड़ताल पर बैठी थीं.
सरकार ने यह फ़ैसला मंत्रिमंडल की राजनीतिक मामलों की समिति की बैठक में लिया.
इस बैठक में तीन मंत्रियों के दल की रिपोर्ट की भी समीक्षा की गई. यह दल मध्य प्रदेश में राहत और पुनर्वास के काम की समीक्षा करने गया था.
मंत्रियों ने ये दौरा नर्मदा बचाओ आंदोलन की नेता मेधा पाटकर की भूख हड़ताल के बाद किया था.
भूख हड़ताल से मेधा पाटकर की स्थिति बिगड़ने के बाद पुलिस उन्हें धरनास्थल से जबर्दस्ती उठाकर ले गई थी और उन्हें भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में भर्ती कराया गया था.
लेकिन उन्होंने अपनी हड़ताल वहाँ पर भी जारी रखी थी और बुधवार को उनकी हड़ताल का 15 वाँ दिन था.
मेधा और उनके कई सहयोगी नर्मदा नदी पर बनाए जा रहे सरदार सरोवर बांध का निर्माण तत्काल रोके जाने की मांग को लेकर हड़ताल पर बैठे हुए हैं.
वो सरदार सरोवर बांध की ऊंचाई 110 मीटर से 121 मीटर करने के विरोध कर रहे हैं.
नर्मदा बचाओ आंदोलनकारियों का कहना है कि बांध की ऊंचाई बढ़ाने का फ़ैसला सुप्रीम कोर्ट के उस फ़ैसले की अवहेलना करता है जिसमें कहा गया था कि जब तक सभी विस्थापितों का पुनर्वास नहीं हो जाता तब तक निर्माण कार्य न बढ़ाया जाए.
नर्मदा बचाओ आंदोलन की माँग है कि बांध परियोजना से विस्थापित हो रहे सभी 35 हज़ार लोगों का पुनर्वास कराया जाएगा.
आंदोलन से जुड़े शांतिभूषण का कहना था कि सरकार को समीक्षा करने का फ़ैसला पहले ही कर लेना चाहिए था.
उनका कहना था कि बाँध की ऊंचाई बढ़ाने का फ़ैसला कर लिया गया जबकि अभी बहुत से गाँव ऐसे हैं जहाँ के लोगों का पुनर्वास कहाँ होना है, यह भी तय नहीं है.