बुधवार, 12 अप्रैल, 2006 को 07:27 GMT तक के समाचार
नारायण बारेठ
बीबीसी संवाददाता, जयपुर
राजस्थान के अलवर ज़िले की एक फास्ट ट्रैक अदालत ने एक जर्मन युवती के साथ बलात्कार के मामले में सात साल की क़ैद और 10 हज़ार रुपए जुर्माने की सज़ा सुनाई है.
यह बलात्कार मामले में सबसे तेज़ फ़ैसलों में से एक माना जा रहा है.
पुलिस ने इस मामले में तीन दिन में चालान पेश किया और अदालत ने 10 कार्यदिवसों की सुनवाई के बाद फ़ैसला सुना दिया.
जर्मनी की यह शोध छात्रा उड़ीसा के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के बेटे बीएच मोहंती के साथ अलवर आई थी जहाँ आरोप है कि उसके साथ बलात्कार किया गया.
जर्मन लड़की ने एसएमएस के जरिए अपने रिश्तेदारों को इसकी जानकारी दी और उन्होंने अलवर पुलिस को इस बारे में सूचित किया.
पुलिस इसके बाद हरकत में आई और उसने मोहंती को खैरगढ़ स्टेशन पर गिरफ़्तार कर लिया.
जर्मन युवती ने इस मामले की सुनवाई के दौरान आरोप लगाया था कि उसे एसएमएस के जरिए धमकाया जा रहा है. उसके बाद पुलिस ने उसकी सुरक्षा बढ़ा दी थी.
मोहंती के वकील राजीव भार्गव का कहना था कि उनका मुवक्किल निर्दोष हैं और वे इस फ़ैसले के ख़िलाफ़ हाईकोर्ट में अपील करेंगे.
हालांकि न्यायधीश ने अपने फ़ैसले में कहा था कि मोहंती को उनके पहले अपराध को देखते हुए कम सज़ा सुनाई गई है.
पिछले साल 11 मई को जोधपुर में एक जर्मन पर्यटक महिला के साथ दो ऑटो रिक्शाचालकों द्वारा बलात्कार किए जाने का मामला सामने आया था.
अदालत ने उस मामले की 17 दिनों में सुनवाई पूरी कर ली थी और अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सज़ा सुनाई थी.