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रविवार, 09 अप्रैल, 2006 को 17:45 GMT तक के समाचार

नेपाल में नरेश विरोधी अभियान जारी

नेपाल में माओवादी विद्रोहियों का कहना है कि नरेश ज्ञानेंद्र के ख़िलाफ जारी अवज्ञा आंदोलन के लिए समर्थन जुटाने के सारे प्रयास किए जा रहे हैं.

माओवादियों ने बयान जारी कर कहा है कि देश की सभी सड़कों का नियंत्रण उनके हाथों में हैं और सभी शाही मूर्तियों को हटा दिया गया है.

उससे पहले देश के विपक्षी दलों ने नरेश ज्ञानेंद्र के सत्ता अपने हाथ में लेने के ख़िलाफ़ पूरे देश में अनिश्चितकाल के लिए आम हड़ताल और प्रदर्शनों का आहवान किया है.

नेपाल में विपक्षी दलों ने गुरुवार को चार दिन की हड़ताल बुलाई थी जो रविवार को समाप्त हो जानी थी.

भारत में भी प्रदर्शन

फ़रवरी 2005 में राजा ज्ञानेंद्र ने नेपाल सरकार को बर्ख़ास्त कर सत्ता अपने हाथ में ले ली थी और विपक्षी दल समय-समय पर इसका विरोध करते रहे हैं.

दिल्ली में प्रदर्शनकारियों के समर्थन में रैली

शनिवार और रविवार को हज़ारों लोगों ने नगरों, शहरों और राजधानी काठमांडू में कर्फ़्यू का उल्लंघन कर नरेश ज्ञानेंद्र के ख़िलाफ़ प्रदर्शन किए.

कई जगह प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़पें भी हुईं और पुलिस ने अश्रुगैस का भी प्रयोग किया.

बानेपा नगर में जब सुरक्षा बलों ने गोली चलाई तो एक व्यक्ति की मौत हो गई जिसके बाद पिछले दो दिन के प्रदर्शनों में मारे जाने वालों की संख्या तीन हो गई है.

उधर नेपाल के गृह मंत्री कमल थापा का कहना था कि पुलिस ने चार माओवादी विद्रोहियों को गिरफ़्तार कर लिया है क्योंकि उन्होंने सुरक्षा बलों पर प्रदर्शनों के दौरान गोलियाँ चलाई थीं.

कर्फ़्यू की अवधि बढ़ी

अधिकारियों ने प्रदर्शनों को देखते हुए राजधानी काठमांडू और आसपास के शहरों में शनिवार को लगाया गया कर्फ़्यू दूसरे दिन भी बढ़ा दिया था लेकिन उसका प्रदर्शनकारियों पर कोई असर नहीं हुआ.

शनिवार को हज़ारों लोगों ने प्रदर्शन किया था और पुलिस के साथ हुई झड़पों और फिर गोलीबारी में कम से कम दो लोग मारे गए थे.

नेपाल की सरकारी टीवी का कहना है कि सुरक्षाबलों को आदेश दिया गया था कि वे कर्फ़्यू का उल्लंघन करनेवाले किसी भी शख्स को गोली मार दें.

मोबाइल फ़ोन तो पहले से ही बंद कर दिए गए थे.

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार संगठन के एक प्रवक्ता ने पुलिस बल प्रयोग की निंदा की है और इसे शाक्ति का असंगत इस्तेमाल बताया.

कर्फ़्यू का उल्लंघन करते हुए सैकड़ों लोगों ने काठमांडू के आसपास प्रदर्शन किए.

प्रदर्शनकारियों ने सरकारी संपत्तियों को नुक़सान पहुँचाया और टायर जलाकर रास्ते रोकने की कोशिश की.