बुधवार, 05 अप्रैल, 2006 को 18:59 GMT तक के समाचार
दिल्ली पुलिस नर्मदा बचाओ आंदोलन की नेता मेधा पाटकर को बुधवार की रात धरनास्थल से जबर्दस्ती उठाकर ले गई और उन्हें अस्पताल में भर्ती करा दिया.
मेधा पिछले आठ दिनों से भूख हड़ताल पर थीं और उनकी स्थिति काफ़ी बिगड़ गई थी.
उनके साथ हड़ताल पर बैठे दो अन्य लोगों को भी अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
दिल्ली पुलिस के डीसीपी मनीश अग्रवाल ने बताया,'' हमारी प्राथमिकता मेधा पाटकर और अन्य लोगों को तत्काल डॉक्टरी सहायता उपलब्ध कराने की है.''
इस दौरान पुलिस और नर्मदा बचाओ आंदोलनकारियों के बीच झड़प भी हुई और काफ़ी देर तक नारेबाज़ी चलती रही.
मेधा और उनके कई सहयोगी नर्मदा नदी पर बनाए जा रहे सरदार सरोवर बांध का निर्माण तत्काल रोके जाने की मांग को लेकर हड़ताल पर बैठे हुए थे.
वो सरदार सरोवर बांध की ऊंचाई 110 मीटर से 121 मीटर करने के विरोध कर रहीं थीं.
नर्मदा बचाओ आंदोलनकारियों का कहना है कि बांध की ऊंचाई बढ़ाने का फ़ैसला सुप्रीम कोर्ट के उस फ़ैसले की अवहेलना करता है जिसमें कहा गया था कि जब तक सभी विस्थापितों का पुनर्वास नहीं हो जाता तब तक निर्माण कार्य न बढ़ाया जाए.
इसके पहले नर्मदा बचाओ आंदोलन से जुड़े कुछ कार्यकर्ताओं ने सोनिया गांधी से मुलाक़ात की थी.
मंगलवार को जल संसाधन मंत्री सैफुद्दीन सोज़ ने आंदोलनकारियों को आश्वासन दिया था कि वो बांध स्थल का दौरा करेंगे और बांध परियोजना से विस्थापित हो रहे सभी 35 हज़ार लोगों का पुनर्वास कराया जाएगा.
सोज़ ने धरने पर बैठे लोगों को आश्वासन दिया था कि वो जल्दी ही ज़मीनी स्थिति देखने मध्य प्रदेश जाएंगे.
उन्होंने मेधा पाटकर से भूख हड़ताल समाप्त करने को कहा था लेकिन उन्होंने ऐसा करने से मना कर दिया था.
सुप्रीम कोर्ट इस मामले पर 17 अप्रैल को फिर सुनवाई करने वाला है.