मंगलवार, 04 अप्रैल, 2006 को 08:30 GMT तक के समाचार
नेपाल के माओवादियों के राजधानी काठमांडू में सशस्त्र अभियान रोकने की घोषणा को जहाँ सरकार ने ख़ारिज किया है वहीं नेपाल नरेश का विरोध कर रहे राजनीतिक दलों ने इसका स्वागत किया है.
माओवादी नेता प्रचंड ने सोमवार को एक बयान में कहा था कि काठमांडू और आसपास के ज़िलों में सशस्त्र अभियान अनिश्चितकाल के लिए रोक दिया गया है.
माना जा रहा है कि 'संघर्षविराम' का मकसद नेपाल नरेश के ख़िलाफ़ एक प्रस्तावित रैली के लिए अनुकूल माहौल बनाना है.
गुरुवार से सात राजनीतिक दलों के गठबंधन ने चार दिन की राष्ट्र व्यापी हड़ताल का आहवान किया है जिसके बाद शनिवार को काठमांडू में रैली होगी.
रैली पर विवाद
माओवादी विद्रोही भी इस रैली का समर्थन कर रहे हैं. नेपाल नरेश के सत्ता सीधे अपने हाथ में लेने का विरोध करने के मकसद से पिछले साल विद्रोहियों और राजनीतिक दलों में समझौता हुआ था.
उधर सरकार का कहना है कि रैली इसलिए नहीं हो सकती क्योंकि माओवादियों की योजना है कि वे घुसकर हिंसा भड़काएँ.
महत्वपूर्ण है कि सरकार ने जनवरी में ख़त्म होने वाली विद्रोहियों के चार महीने के संघर्षविराम को भी ख़ारिज कर दिया था.
नेपाल के वरिष्ठ विपक्षी नेता गोपाल मान श्रेष्ठ का कहना है कि इस 'संघर्षविराम' से नेपाल नरेश के ख़िलाफ़ शांतिपूर्ण आंदोलन के बल मिलेगा.
श्रेष्ठ नेपाली कांग्रेस - डेमोक्रेटिक के कार्यकारी अध्यक्ष हैं. उन्होंने माओवादियों से अनुरोध किया है कि वे इस 'संघर्षविराम' को पूरे देश में लागू करें.