मंगलवार, 04 अप्रैल, 2006 को 19:16 GMT तक के समाचार
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने माओवादी विद्रोहियों से 53 लाख रुपए बरामद किए हैं.
अधिकारियों के अनुसार अनंतरपुर और महबूबनगर ज़िलों में प्रतिबंधित संगठन सीपीआई (माओवादी) के सदस्यों से ये राशि बरामद की गई है.
पुलिस का कहना है कि इन ज़िलों में सिंचाई की परियोजनाओं में काम कर रहे ठेकेदारों को धमकाकर माओवादी विद्रोहियों ने ये रुपए वसूल किए थे.
अनंतपुर ज़िले में पुलिस ने तीन लाख रुपए मंगलवार को बरामद किए जबकि महबूबनगर में पुलिस ने 50 लाख रुपए बरामद किए हैं.
पुलिस अधिकारियों ने उन ठेकेदारों के नाम ज़ाहिर नहीं किए हैं जिनसे कथित रुप से ये रुपए वसूले गए थे.
बीबीसी संवाददाता उमर फ़ारुख़ का कहना है कि पुलिस उन ठेकेदारों के ख़िलाफ़ कार्रवाई के मामले में भी गोलमोल जवाब दे रही है.
अनंतपुर में पुलिस अधिकारी विजयकुमार ने बरामद किए गए तीन लाख रुपयों सहित छह माओवादी विद्रोहियों को पत्रकारों के सामने पेश किया और बताया कि तीन को रुपयों के साथ गिरफ़्तार किया गया और बाक़ी तीन ने आत्मसमर्पण किया.
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि विद्रोहियों ने बताया है कि प्रदेश की हेंदरी नीवा सिंचाई परियोजना के एक ठेकेदार ने उन्हें ये रुपए दिए थे.
उधर महबूब नगर में डीआईजी गोविंद सिंह ने बताया है कि जंगल में गश्त के दौरान 50 लाख रुपयों के साथ दो लोगों को गिरफ़्तार किया गया.
उन्होंने बताया कि रुपयों के साथ पुलिस को विस्फोटक भी मिले हैं.
डीआईजी का कहना है कि जिन दो लोगों को गिरफ़्तार किया गया है उनमें से एक सिंचाई परियोजना में काम करने वाला इंजीनियर है और दूसरा एक कांग्रेस विधायक का रिश्तेदार है.
पुलिस अधिकारी का कहना है कि इंजीनियर ने स्वीकार किया है कि ठेकेदार ने ये रुपए माओवादी विद्रोहियों को देने के लिए दिए थे.