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मंगलवार, 04 अप्रैल, 2006 को 12:49 GMT तक के समाचार

निजी कंपनियों के हाथ में हवाई अड्डे

दिल्ली और मुंबई हवाई अड्डों के रखरखाव और विकास का कार्य अब निजी कंपनियाँ करेंगी जिससे संबंधित समझौते पर मंगलवार को हस्ताक्षर कर दिए गए हैं.

भारत के नागरिक उड्डयन मंत्री प्रफुल्ल पटेल ने मंगलवार को कहा, "दोनों हवाई अड्डों के संचालन, रखरखाव और विकास संबंधी कार्यों के साथ ही शेयरधारक संबंधी समझौता भी हो गया है."

भारत सरकार ने जनवरी 2006 में कहा था कि मुंबई और दिल्ली हवाई अड्डों को निजी कंपनियों को लीज़ पर दिया जाएगा.

सरकार के इस फ़ैसले का मज़दूर संगठनों और हवाई अड्डे के कर्मचारियों ने विरोध किया था.

दक्षिण भारत की जानी मानी निर्माण कंपनी जीएमआर ग्रुप को दिल्ली हवाई अड्डे का आधुनिकीकरण करने का ठेका मिला है. जीएमआर जर्मनी की कंपनी फ्रापोर्ट के साथ मिलकर दिल्ली हवाई अड्डे का आधुनिकीकरण करेगी.

मुंबई एयरपोर्ट के आधुनिकीकरण का ठेका जीवीके को मिला है जो दक्षिण अफ्रीकी कंपनी एयरपोर्ट्स कंपनी ऑफ साउथ अफ्रीका के साथ मिलकर यह काम करेगी.

विरोध प्रदर्शन

अब इन दोनों हवाई अड्डों को सरकार और निजी कंपनियां संयुक्त उद्यम के रूप में चलाएँगी. सरकार की इन हवाई अड्डों में 26 प्रतिशत भागेदारी है.

माना जा रहा है कि जीएमआर और जीवीके इन दोनों हवाई अड्डों पर नए टर्मिनल बनाएँगी और यात्रियों के अधिक सुविधाएँ मुहैया कराएँगी.

भारत में आने वाली अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का 65 प्रतिशत हिस्सा इन्हीं दोनों हवाई अड्डों पर आता है जिसमें प्रति वर्ष लगभग दो करोड़ लोग यात्रा करते हैं.

इन दोनों हवाई अड्डों के संचालन की ज़िम्मेदारी निजी कंपनियों को देने के विरोध में पिछले कुछ महीनों में व्यापक प्रदर्शन हुए थे. वामपंथी दलों ने भी इसका विरोध किया था.