सोमवार, 03 अप्रैल, 2006 को 08:54 GMT तक के समाचार
सुप्रीम कोर्ट ने 10 लोकसभा सीटों के लिए मई में उपचुनाव कराने पर रोक लगा दी है. चुनाव आयोग ने इसके लिए सुप्रीम कोर्ट से अनुमति मांगी थी.
दरअसल ये सीटें रिश्वत लेकर सवाल पूछने के मामले में सांसदों के बर्ख़ास्त होने के कारण ख़ाली हुई हैं. सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश वाईके सब्बरवाल और जस्टिस सीके ठक्कर की खंडपीठ ने यह निर्देश दिया.
खंडपीठ ने चुनाव आयोग को निर्देश दिया कि वह इन 10 लोकसभा सीटों पर उपचुनाव की घोषणा से पहले सुप्रीम कोर्ट से अनुमति ले.
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद चुनाव आयोग ने 10 लोकसभा सीटों पर उपचुनाव को फ़िलहाल जुलाई तक के लिए टाल दिया है.
लेकिन बाक़ी की दो सीटों रायबरेली और दीग में आठ मई को उपचुनाव होंगे. रायबरेली की सीट कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी के इस्तीफ़े के कारण ख़ाली हुई थी.
रिश्वत लेकर सवाल पूछने के मामले में बर्ख़ास्त सांसदों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है. याचिका में इन सांसदों ने कहा है कि उन्हें बर्ख़ास्त करने में उचित प्रक्रिया नहीं अपनाई गई.
इन सांसदों ने अपनी अपील में इन सीटों पर उपचुनाव कराने पर रोक लगाने की भी मांग की थी.
संसद में पैसे लेकर सवाल पूछने के मामले से जुड़े 10 लोकसभा सांसद और एक राज्यसभा सांसद को दोनों सदनों ने बर्ख़ास्त कर दिया था.
बर्ख़ास्त सांसदों में भाजपा के छह, बीएसपी के तीन और कांग्रेस और आरजेडी का एक-एक सांसद शामिल है.
सबसे पहले राज्यसभा ने चर्चा के बाद छत्रपाल सिंह लोधा को बर्ख़ास्त करने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित कर दिया.
एक टेलीविज़न चैनल ने कुछ महीने पहले एक वीडियो टेप का प्रसारण किया था जिसमें विभिन्न राजनीतिक दलों के सांसदों को संसद में प्रश्न पूछने के लिए घूस लेते दिखाया गया था.
टीवी चैनल 'आजतक' ने मीडिया कंपनी 'कोबरा पोस्ट' के साथ मिलकर यह ख़ुफ़िया रिकॉर्डिंग की थी. इसे चैनल ने 'ऑपरेशन दुर्योधन' का नाम दिया था.