शनिवार, 01 अप्रैल, 2006 को 12:02 GMT तक के समाचार
भारत के राज्य असम में सुरक्षाबलों के साथ हुई मुठभेड़ में एक बड़े अलगाववादी नेता लाल डेका की मौत हो गई है.
बीबीसी संवाददातता सुबीर भौमिक के मुताबिक अलगाववादी संगठन उल्फ़ा के तथाकथित कमांडर लाल डेका और सुरक्षाबलों के बीच मुठभेड़ असम के गोलपारा गाँव के पास हुई.
ये गॉंव असम-बांग्लादेश सीमा के पास है.
विशेषज्ञों का कहना है कि इस घटना का असर असम में चल रही शांति वार्ता पर पड़ सकता है.
मुठभेड़
पुलिस का कहना है कि विद्रोही नेता लाल डेका पर उस समय हमला किया गया जब वे विद्रोहियों के एक गुट के साथ गोलपारा ज़िले में थे.
भारतीय सैनिकों और असम पुलिस ने मिलकर ये हमला किया.
तीन घंटे तक चली गोलीबारी के बाद विद्रोही नेता लाल डेका की मौत हो गई. उनके एक साथी को गिरफ़्तार भी कर लिया गया.
ख़ुफ़िया अधिकारियों का कहना है कि डेका उल्फ़ा के शीर्ष नेताओं में से थे और कई बम धमाकों में उनका हाथ रहा है.
शांति वार्त पर असर
मुठभेड़ में लाल डेका की मौत उस दिन हुई है जब भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह असम में चुनाव प्रचार के लिए आए हुए हैं.
इस पर पीसीजी समूह ने नाराज़गी ज़ाहिर की है. पीसीजी यानि पीपल्स कन्सलटेटिव ग्रुप ऐसा गुट है जिसका गठन पिछले साल उल्फ़ा ने भारत सरकार से बातचीत करने के लिए किया था.
इस समिति के प्रवक्ता लछित बोरदोलोई ने कहा कि केंद्र सरकार को सैनिक अभियान और शांति वार्ता में से एक रास्ता चुनना होगा.
उन्होंने कहा कि दोनों रास्ते एक साथ नहीं अपनाए जा सकते.
विशेषज्ञों का मानना है कि उल्फ़ा अब जवाबी कार्रवाई कर सकता है और शांति वार्ता खटाई में पड़ सकती है.
पीसीजी और केंद्र सरकार के बीच बातचीत का अगला दौर इसी महीने होना है.
बीबीसी संवाददाता सुबीर भौमिक का कहना है कि अगर उल्फ़ा जवाबी कार्रवाई करता है तो बातचीत टल सकती है और असम में चुनाव के दौरान अशांति हो सकती है.