बुधवार, 29 मार्च, 2006 को 12:44 GMT तक के समाचार
भारत और पाकिस्तान के बीच एक-दूसरे के यहाँ बैंकों की शाखाएँ खोलने, माल की आवाजाही और चाय-चावल के व्यापार के बारे में समझौते हुए हैं.
दोनों देशों के अधिकारियों के बीच इस्लामाबाद में दो दिन तक चली वार्ता के बाद ये सहमति हुई.
भारत और पाकिस्तान के बीच आर्थिक और व्यावसायिक क्षेत्रों में संबंध मज़बूत करने को वर्ष 2004 में फिर से शुरू हुई शांति प्रक्रिया का केंद्र माना जा रहा है.
दोनों देशों के वाणिज्य सचिवों के बीच पिछले वर्ष अगस्त में भी बातचीत हुई थी.
इसके पहले दोनों देशों के बीच जल और हवाई संपर्क को बेहतर किए जाने पर ध्यान दिया गया था.
इस्लामाबाद में दोनों देशों के वाणिज्य सचिवों की वार्ता के बाद जारी किए गए साझा घोषणापत्र में कहा गया है दोनों देशों के बीच व्यापार के विस्तार और उसे सुगम बनाने के लिए कई तरह के क़दम उठाए जाने पर सहमति हुई है.
सहमतियाँ
दोनों देशों ने तय किया है कि दोनों ही देशों के केंद्रीय बैंक एक-दूसरे के देश में बैंकों की शाखाएँ खोलने की प्रक्रिया को बढ़ा सकते हैं.
दोनों ने ये भी तय किया है कि भारत से पाकिस्तान को चाय के निर्यात को सुगम बनाया जाएगा.
एक नए जलमार्ग व्यापार समझौते पर भी सहमति हुई है जिसपर दिल्ली में समझौता हो सकता है और इससे चाय के निर्यात में सहायता मिल सकती है.
हवाई सेवा के बारे में भी बातचीत चल रही है और उम्मीद है कि इस बारे में भी कोई सहमति हो जाएगी.
दोनों देशों ने मिलकर एक कार्यदल बनाने का भी निर्णय लिया है ताकि विश्व बाज़ार में बासमती चावल के साझा रजिस्ट्रेशन के बारे में चर्चा की जा सके.
मगर पाकिस्तान की ओर से भारत को व्यापार के लिए सबसे योग्य देश या मोस्ट फ़ेवर्ड नेशन का दर्जा देने के बारे में कोई बात नहीं हुई.
भारत ने पाकिस्तान को 10 साल पहले ही ये दर्जा दे दिया था लेकिन पाकिस्तान ने इस मसले को कश्मीर से जोड़कर रखा है और भारत को ये दर्जा देना टालता रहा है.