http://www.bbcchindi.com

बुधवार, 22 मार्च, 2006 को 10:42 GMT तक के समाचार

अपराधों की रोकथाम पर सहमति

भारत के केंद्रीय जाँच ब्यूरो (सीबीआई) और पाकिस्तान के फेडरल इंवेस्टिगेशन एजेंसी (एफ़आईए) के बीच दो दिवसीय बातचीत में अपराधों की रोकथाम में सहयोग बढ़ाने पर सहमति हुई.

दोनों जाँच एजेंसियाँ इंटरपोल के लंबित मामले को जल्द निबटाने पर सहमत थे.

भारत 100 ऐसे लोगों की पकड़ने में मदद चाहता जिनकी सीबीआई और अन्य पुलिसबलों को तलाश है. जबकि पाकिस्तान का कहना है कि उसे 70 ऐसे लोगों की तलाश है जो भारत में है.

दोनों एजेंसियों ने मानव तस्करी, नकली नोटों और ग़ैरकानूनी रूप से आकर बस जाने वालों की समस्या से निपटने के लिए एक संयुक्त अध्ययन दल गठित करने का भी फ़ैसला किया.

सीबीआई के दल का नेतृत्व निदेशक विजय शंकर ने किया और एफ़आईए का उसके महानिदेशक तारिक़ परवेज़ ने किया. दोनों देशों की एजेंसियों के बीच 17 वर्षों बाद यह बातचीत हुई है.

नई दिल्ली में अगस्त, 2005 में गृह सचिव स्तर की बातचीत में इस वार्ता के लिए सहमति बनी थी.

इस संबंध में जारी संयुक्त बयान में कहा गया है कि दोनों एजेंसियाँ के बीच पेशवर प्रशिक्षण और विभिन्न अपराधों की जाँच के अनुभवों को बाँटना भी तय हुआ.

पाकिस्तान के निमंत्रण पर भारत के सीबीआई निदेशक इस साल के अंत में वहाँ की यात्रा करेंगे.

भारत पाकिस्तान पर अपराधियों और जेहादी तत्वों की गतिविधियों पर अंकुश न लगाने का आरोप लगाता आया है.

लेकिन पाकिस्तान इस आरोपों से साफ़ इनकार करता रहा है.

वहीं जम्मू में अधिकारियों ने कहा है कि जम्मू कश्मीर राज्य में विभिन्न जेलों में क़ैद 40 लोगों को तत्काल छोड़ा जाएगा.

राज्य के पुलिस और ख़ुफ़िया विभाग के उच्च अधिकारियों और केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधिकारियों की बीच जम्मू में मुलाक़ात के बाद ये फ़ैसला हुआ.

भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा है कि जेलों में क़ैद बंदियों के मामलों की जाँच हो और जिनके ख़िलाफ़ गंभीर आरोप नहीं है उन्हें रिहा किया जाए.