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मंगलवार, 21 मार्च, 2006 को 16:55 GMT तक के समाचार

सुशील कुमार झा
बीबीसी संवाददाता, दिल्ली से

भारत और बांग्लादेश के बीच दो समझौते

बांग्लादेश की प्रधानमंत्री खालिदा ज़िया की भारत यात्रा के दौरान भारत और बांग्लादेश के बीच आतंकवाद और जल विवाद समेत द्विपक्षीय महत्व के कई मुद्दों पर बातचीत हुई है और सहमति भी बनी है.

बांग्लादेश की प्रधानमंत्री ख़ालिदा ज़िया के साथ भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की दिल्ली में दो घंटे की वार्ता के बाद दो समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए हैं.

दोनों देश सुरक्षा संबंधी मसलों पर गृह सचिव स्तर की वार्ताओं को बढ़ाने पर भी तैयार हुए हैं.

भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और बांग्लादेश की प्रधानमंत्री ख़ालिदा ज़िया के बीच बातचीत के महत्व का अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि दोनों नेताओं ने दो घंटे से अधिक समय तक बंद कमरे में बातचीत की.

विवादास्पद मुद्दे

बातचीत में आतंकवाद और जल विवाद जैसे जटिल और विवादास्पद मुद्दों पर भी चर्चा हुई.

वार्ता के बाद जारी बयान के अनुसार दोनों देश आतंकवाद के मुद्दे का मिलकर सामना करने पर राज़ी हुए हैं.

भारत बार बार बांग्लादेश पर उसके ख़िलाफ़ आतंकवादी गतिविधियाँ चलाने का आरोप लगाता रहा है.

इस बारे में बार बार पूछे जाने पर भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि बांग्लादेश को भारत की चिंताएं पता हैं और इस बारे में खुलकर सकारात्मक बातचीत हुई है.

दोनों देशों के बीच जल विवाद को सुलझाने के लिए संयुक्त जल आयोग की और बैठकें करने पर भी सहमति हुई है.

इसके साथ ही तय किया गया कि सुरक्षा मुद्दों को सुलझाने के लिए गृह सचिव स्तर की वार्ताओं को और बढ़ाया जाए.

व्यापार

बांग्लादेश लगातार तीस्ता नदी के जल बटवारे को मुद्दा बनाता रहा है और इस बैठक में भी ये मुद्दा उठा. इस पर तय किया गया कि बैठकों के सिलसिले को जारी रखा जाए.

दोनों पक्षों के बीच पश्चिम बंगाल के स्यालदह और बांग्लादेश के जयदेवपुर को रेल सेवा के ज़रिए जोड़ने पर भी बात हुई है लेकिन इस बारे में अधिक जानकारी नहीं दी गई है.

इन सहमतियों के अलावा दोनों पक्षों ने 1980 में हुए व्यापार समझौते को और आगे बढ़ा दिया है जिसके तहत दोनो देश एक दूसरे के साथ अधिक व्यापार करने की कोशिश करेंगे.

समझौते के तहत व्यापारिक असंतुलन को भी ध्यान में रखा जाएगा. इसके अलावा सीमा पर मादक पदार्थों की तस्करी रोकने पर भी दोनों देशों ने एक समझौता किया है.

इससे पहले दिन में खालिदा ज़िया का स्वागत करते हुए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा था कि मज़बूत और समृद्ध बांग्लादेश पूरे क्षेत्र के हित में है.

विशेषज्ञों का कहना है कि समझौतों के आधार पर देखा जाए तो दोनों देशों ने बहुत कुछ हासिल नहीं किया है लेकिन विवादास्पद मुद्दों पर खुल कर बातचीत होना एक सकारात्मक संकेत माना जा सकता है.