मंगलवार, 21 मार्च, 2006 को 23:24 GMT तक के समाचार
नेपाल में 'बुद्धा बॉय' या 'बुद्धावतार' के नाम से चर्चित एक किशोर के अनुयायियों का कहना है कि रविवार को उसे फिर देखा गया.
राम बोमजान नामक इस 16 वर्ष के किशोर को लेकर पिछले कुछ अर्से में दुनिया भर में चर्चा रही थी.
राम बोमजान के अनुयायियों का कहना है कि वे भगवान बुद्ध के अवतार हैं जो 10 महीने से बग़ैर खाए-पीए ध्यान लगा रहे हैं और उनपर ना आग और ना ही साँप के विष का प्रभाव होता है.
लेकिन पिछले 11 मार्च को अचानक ये किशोर ग़ायब हो गया और उसके बाद से ही उसकी खोज ज़ोर-शोर से चल रही थी.
वैसे राम बोमजान के बारे में जो दावे किए जाते थे उनकी ना तो अलग से पुष्टि की जा सकी है और ना ही वैज्ञानिकों को किशोर का ये कहकर परीक्षण करने दिया गया कि इससे उसका ध्यान भंग हो जाएगा.
मुलाक़ात का वीडियो
बारा ज़िले में जिस जगह राम बोमजान ध्यान लगाया करता था वहाँ अच्छा-ख़ासा आयोजन होता था.
और अब आयोजकों ने एक वीडियो रिलीज़ की है जिसमें इस किशोर को दक्षिणी नेपाल में उसके गाँवों में आयोजकों से मिलते हुए दिखाया गया है.
आयोजक समिति का नाम है ओम् नमोः बुद्ध तपस्वी सेवा समिति और उसके अध्यक्ष बेद बहादुर लामा ने पत्रकारों से तपस्वी किशोर के साथ हुई मुलाक़ात के बारे में बताया.
लामा ने कहा कि उन्होंने अपने सहकर्मियों के साथ बारा ज़िले से तीन किलोमीटर दूर उसके गाँव में राम बोमजान से मुलाक़ात की.
उन्होंने बताया कि बोमजान ने उनलोगों से आधे घंटे तक बात की.
लामा ने बताया,"राम बोमजान ने हमसे कहा कि वे छह साल बाद फिर दिखाई देंगे. उन्होंने भिक्षुओं से कहा है कि वे उनके ध्यान लगाने की जगह पर प्रार्थना करते रहें".
बेद बहादुर लामा के अनुसार राम बोमजान ने उनसे कहा,"मैंने वो जगह इसलिए छोड़ दी क्योंकि वहाँ शांति नहीं थी..आप मेरे माता-पिता से कहें कि वे चिंता नहीं करें".
11 मार्च को बोमजान के लापता हो जाने के बाद से उसे देखे जाने की ये पहली ख़बर है.
मगर प्रशासनिक अधिकारियों ने कहा है कि वे बोमजान के देखे जाने की ख़बर की पुष्टि नहीं कर सकते.