सोमवार, 20 मार्च, 2006 को 01:55 GMT तक के समाचार
बांग्लादेश की प्रधानमंत्री ख़ालिदा ज़िया तीन दिन की यात्रा पर भारत पहुँच गई हैं.
संभावना है कि इस यात्रा के दौरान भारत पूर्वोत्तर राज्यों में विद्रोही संगठनों से मुक़ाबले में और घुसपैठ रोकने में बांग्लादेश का सहयोग मांगेगा.
वैसे इस दौरान आर्थिक मुद्दों पर तीन अलग-अलग समझौतों पर हस्ताक्षर होने की भी संभावना है.
अपने नौ साल के कार्यकाल में ख़ालिदा ज़िया की इस पहली भारत यात्रा को महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
इसकी एक वजह ये भी है कि ये यात्रा वे सार्क की अध्यक्ष के रुप में नहीं बल्कि राष्ट्रप्रमुख के रुप में कर रही हैं.
ख़ालिदा ज़िया की भारत यात्रा को बांग्लादेश की संबंध सुधारने की पहल के रुप में देखा जा रहा है.
बांग्लादेश की प्रधानमंत्री की इस यात्रा के दौरान उनकी मुलाक़ात प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से होनी है. मंगलवार को होने वाली इस बैठक में कई विषयों पर विस्तार से चर्चा होगी.
इसके अलावा उनकी मुलाक़ात राष्ट्रपति अब्दुल कलाम, यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गाँधी और विपक्ष के नेता लालकृष्ण आडवाणी से भी होनी है.
चरमपंथ
माना जा रहा है कि बांग्लादेश की प्रधानमंत्री ख़ालिदा ज़िया और उनके प्रतिनिधि मंडल के सामने भारत की ओर से पूर्वोत्तर राज्यों में विद्रोही संगठनों का मुद्दा उठाया जाएगा.
ख़ासकर विद्रोही संगठनों के बांग्लादेश में स्थित प्रशिक्षण केंद्रों का मसला.
उल्लेखनीय है कि भारत सरकार आरोप लगाती रही है कि पूर्वात्तर राज्यों के विद्रोही संगठनों के प्रशिक्षण केंद्र सीमापार बांग्लादेश में मौजूद हैं. हालांकि बांग्लादेश इससे इंकार करता रहा है.
इसके अलावा भारत सरकार अपने पड़ोसी देश के साथ घुसपैठ रोकने के मुद्दे पर भी बात करना चाहेगी.
आर्थिक मामलों में जिन तीन विषयों पर समझौता होने की संभावना है उसमें दोहरा टैक्स बचाने का क़रार और व्यापार बढ़ाने का समझौता शामिल है.
बांग्लादेश चाहता है कि पड़ोसी देश होने के नाते उसके उत्पादों को भारतीय बाज़ार में बेरोकटोक जगह मिले.
इसके अलावा दोनों देशों के बीच पानी के बँटवारे और सीमा विवाद जैसे विषयों पर बात हो सकती है.