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काले जादू के आरोप में पाँच की हत्या

भारत के पूर्वोत्तर राज्य असम में एक ग़ैर-आधिकारिक अदालत ने एक परिवार के पाँच सदस्यों को जादू-टोना करने वाला यानी 'तांत्रिक' बताकर उनकी हत्या कर दी.

यह घटना असम को सोनितपुर ज़िले में बिस्वनाथ चराली शहर के पास चाय बागान सधारू में हुई में रविवार को हुई.

चाय के बाग़ानों में काम करने वाले एक मज़दूर साठ वर्षीय अमीर मुंडा और उसके चार बच्चों पर आरोप लगाया गया था कि उन्होंने एक ऐसी बीमारी फैलाई है जिसकी वजह से दो अन्य मज़दूरों की मौत हो गई और अनेक बीमार हो गए.

लगभग 200 ग्रामीणों ने एक ग़ैर-आधिकारिक अदालत में इस परिवार पर मुक़दमा चलाकर सज़ा सुनाई और फिर सरेआम उस मज़दूर और उसके चार बच्चों के सिर काट दिए. बच्चों में दो लड़कियाँ और दो लड़के थे.

फिर वे ग्रामीण उनके सिर लेकर थाने गए और रास्ते में जादू-टोने और तंत्र-मंत्र के ख़िलाफ़ नारे भी लगाते गए थे.

कहा जाता है कि साठ वर्षीय अमीर मुंडा परंपरागत औषधियों के ज़रिए इलाज किया करता था.

जब दो मज़दूरों की किसी अज्ञात बीमारी से मौत हो गई और अनेक बीमार हो गए तो आदिवासी संथाल समुदाय ने उनके लिए अमीर मुंडा और उसके परिवार को ज़िम्मेदार ठहराया.

एक पुलिस अधिकारी डी दास ने बताया, "कहीं चाय बागानों में किसी बुरी आत्मा की मौजदगी के लिए अमीर मुंडा ज़िम्मेदार तो नहीं है, इसका फ़ैसला करने के लिए एक अदालत बिठाई गई और ग्रामीणों ने बताया कि मुंडा और उसकी संतानों को मारने से ईश्वर ख़ुश होगा."

समाचार एजेंसी एएफ़पी ने एक अन्य पुलिस अधिकारी ए हज़ारिका के हवाले से ख़बर दी है कि अमीर मुंडा की गर्भवती पत्नी अपने तीन अन्य बच्चों के साथ भीड़ पहुँचने से पहले ही भागने में कामयाब हो गई थी.

हज़ारिका ने बताया कि इस मामले में छह लोगों को गिरफ़्तार किया गया है.

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार असम में पिछले पांच साल में कथित रूप से जादू-टोना और तंत्र-मंत्र करने वाले लगभग 200 लोग मारे जा चुके हैं.