गुरुवार, 16 मार्च, 2006 को 03:11 GMT तक के समाचार
रूस के प्रधानमंत्री मिखाइल फ़्रैदकौफ़ दो दिन की भारत यात्रा पर गुरूवार को दिल्ली पहुँचे.
माना जा रहा है कि उनकी यात्रा के दौरान अन्य मुद्दों के अलावा भारत के दो परमाणु रिएक्टरों के लिए यूरेनियम बेचने के सौदे को अंतिम रूप दिया जा सकता है.
रूसी प्रधानमंत्री शुक्रवार को भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से बातचीत करेंगे.
रूस ने हाल ही में भारत के दो परमाणु रिएक्टरों को ईंधन बेचने की घोषणा की है.
अमरीका ने इस सौदे पर आपत्ति जताई है लेकिन भारत ने इस सौदे को सही ठहराते हुए कहा है कि इससे किसी नियम का उल्लंघन नहीं होता है.
विश्लेषक अमित बरुआ का कहना है कि रूसी प्रधानमंत्री की भारत यात्रा परमाणु ईंधन की आपूर्ति को लेकर काफ़ी महत्वपूर्ण है.
उनका कहना है कि भारत की फ्रांस से बात हुई थी और अब रूस के साथ बात होगी और ये दोनों ही देश परमाणु आपूर्तिकर्ताओं में अहम हैं.
आपत्ति ठुकराई
इससे पहले भारत ने अमरीका की आपत्ति को खारिज कर दिया है. भारतीय विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि "न्यूक्लियर सप्लायर ग्रुप (एनएसजी) के दिशा निर्देशों का कोई उल्लंघन नहीं हो रहा है."
भारतीय विदेश मंत्रालय का कहना है कि भारत को तारापुर संयंत्र के लिए यूरेनियम की कितनी अधिक ज़रूरत है यह बात अमरीका को मालूम है.
भारत का कहना है कि इसके पहले अमरीका से अनुरोध किया गया था कि वह यूरेनियम की आपूर्ति करे लेकिन मौजूदा अमरीकी क़ानूनों के तहत ऐसा कर पाना संभव नहीं था.
अमरीका की आपत्ति
ग़ौरतलब है कि अमरीकी संसद ने भारत को यूरेनियम की आपूर्ति करने पर आपत्ति जताई है.
कुछ अमरीकी सांसदों का कहना था कि भारत को कुछ शर्तों पर ही यूरेनियम की आपूर्ति हो सकती है और अभी भारत ने उन शर्तों को पूरा नहीं किया है.
भारत ने स्पष्ट किया है कि उसने तारापुर परमाणु संयंत्र को चलाए रखने के लिए रूस से सीमित मात्रा में यूरेनियम की आपूर्ति की बात की है और यह कोई दीर्घकालिक व्यवस्था नहीं है.
परमाणु अप्रसार संधि के तहत उन देशों को परमाणु पदार्थ बेचे जाने पर पाबंदी है जिन्होंने संधि पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं. लेकिन असाधारण हालातों में ऐसा किया जा सकता है.
भारत ने परमाणु अप्रसार संधि पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं.