भारतीय राज्य महाराष्ट्र के जलगाँव इलाक़े में बर्ड फ़्लू वायरस के चार मामलों की पुष्टि के बाद मुर्गियों को मारने का काम शुरू कर दिया है.
अधिकारियों का कहना है कि जलगाँव इलाक़े में लगभग 70 हज़ार मुर्गियों को मारा जा रहा है और यह अभियान तीन दिनों तक चलेगा.
इसके तहत प्रभावित इलाक़े के तीन किलोमीटर क्षेत्र की लगभग चार गाँवों की मुर्गियों को मारा जा रहा है.
महाराष्ट्र के जलगाँव ज़िले में कुछ मुर्गियों के परीक्षण के बाद उनमें बर्ड फ़्लू के एच5 वायरस पाए जाने की पुष्टि हुई थी.
सबसे पहले कृषि मंत्री शरद पवार ने इसकी सूचना संसद को दी थी और बताया था कि जलगाँव इलाक़े के चार गाँवों में इसके मामले सामने आए हैं.
उन्होंने बताया था कि इस इलाक़े से 22 नमूनों को परीक्षण के लिए भेजा गया था जिनमें से चार पोज़िटिव पाए गए.
वैसे भारत में अभी तक किसी इंसान में बर्ड फ़्लू होने का कोई मामला सामने नहीं आया है.
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय में संयुक्त सचिव विनीत चौधरी का कहना था,'' घबराने की ज़रूरत नहीं है. अभी तक इंसानों में संक्रमण का कोई मामला सामने नहीं आया है.''
उनका कहना था कि प्रभावित इलाक़ों में विशेषज्ञों का दल भेज दिया गया है.
अधिकारियों का कहना है कि सरकार ने जिलाधिकारी को मारी जा रही मुर्गियों के मुआवजे के भुगतान के लिए अधिकृत कर दिया है.
फिर संक्रमण
महाराष्ट्र में पिछले महीने भी बर्ड फ़्लू का पता चलने के बाद नवापुर इलाक़े की हज़ारों मुर्गियों को मारा गया था.
बाद में इस बीमारी के वायरस महाराष्ट्र के पड़ोसी राज्य गुजरात के मुर्गी फ़ार्मों में भी फैल गए थे.
माना जा रहा है कि इस बार मुर्गियों के मारे जाने का काम कठिन है क्योंकि ये इलाक़ा काफ़ी फैला हुआ है.
पशुपालन आयुक्त विजय कुमार का कहना था कि मुर्गियाँ लगभग 1250 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैली हैं जबकि नवापुर में मुर्गियाँ फार्मौं तक ही सीमित थीं.
पिछले महीने 95 लोगों में बर्ड फ़्लू होने का संदेह व्यक्त किया गया था. उनकी जाँच की गई लेकिन इसके बाद पता चला कि उन्हें ये संक्रमण नहीं है.