बुधवार, 15 मार्च, 2006 को 13:58 GMT तक के समाचार
परमाणु ऊर्जा के लिए रूस से यूरेनियम लेने को भारत ने सही ठहराते हुए कहा है कि इससे किसी नियम का उल्लंघन नहीं होता है.
भारतीय विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि "न्यूक्लियर सप्लायर ग्रुप (एनएसजी) के दिशा निर्देशों का कोई उल्लंघन नहीं हो रहा है और रूस ने इस सिलसिले में एनएसजी से संपर्क किया है."
भारतीय विदेश मंत्रालय का कहना है कि भारत को तारापुर संयंत्र के लिए यूरेनियम की कितनी अधिक ज़रूरत है यह बात अमरीका को मालूम है.
भारतीय प्रवक्ता ने बताया कि अमरीका से अनुरोध किया गया था कि वह यूरेनियम की आपूर्ति करे लेकिन मौजूदा अमरीकी क़ानूनों के तहत ऐसा कर पाना संभव नहीं था.
इससे पहले अमरीकी संसद ने भारत को यूरेनियम की आपूर्ति करने पर आपत्ति की थी, कुछ अमरीकी सांसदों का कहना था कि भारत को कुछ शर्तों पर ही यूरेनियम की आपूर्ति हो सकती है और अभी भारत ने उन शर्तों को पूरा नहीं किया है.
भारत ने दोहराया है कि राष्ट्रपति बुश की यात्रा के दौरान हुई सहमति में यह शामिल था कि अमरीका भारत को परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में पूरा सहयोग देने और यूरेनियम की आपूर्ति करने के लिए अपने क़ानूनों में परिवर्तन करेगा.
भारत ने स्पष्ट किया है कि उसने तारापुर परमाणु संयंत्र को चलाए रखने के लिए रूस से सीमित मात्रा में यूरेनियम की आपूर्ति की बात की है और यह कोई दीर्घकालिक व्यवस्था नहीं है.
भारतीय प्रवक्ता ने कहा कि अमरीकी संसद में अभी भारत के साथ पूर्ण सहयोग करने के लिए कानूनों में परिवर्तन के सवाल पर बहस चल रही है.
विदेश मंत्रालय के बयान में कहा गया है, "जब क़ानून में परिवर्तन हो जाएगा तो अमरीका भारत का बड़ा और भरोसेमंद साझीदार बन सकता है, न सिर्फ़ यूरेनियम की आपूर्ति के मामले में बल्कि परमाणु ऊर्जा के हर क्षेत्र में."
रूस के प्रधानमंत्री मिखाइल फार्दकौफ़ की अगले सप्ताह होने वाली भारत यात्रा के दौरान यूरेनियम आपूर्ति के समझौते पर हस्ताक्षर किए जाने की संभावना है.