मंगलवार, 14 मार्च, 2006 को 05:14 GMT तक के समाचार
निवेदिता पाठक
हाथों में कैमरा थामकर फ़ोटो खींचने का शौक तो कई लोगों को होता है लेकिन गुजरात के खीमाराम रैका को देश-विदेश की जानी मानी हस्तियों के साथ फ़ोटो खिचवाने का शौक है.
अहमदाबाद के खीमाराम अब तक देश-विदेश की जानी मानी 1500 से अधिक हस्तियों के साथ फ़ोटो खिचवा चुके हैं.
खीमाराम फ़ोटो खिचवाने के काम को आसान नहीं मानते. वो कहते हैं, '' इस काम के लिए मुझे काफ़ी मेहनत करनी पढ़ती है, अख़बार पढ़ने पढ़ते हैं, टेलीविज़न देखना पढ़ना है, हमेशा इस बात की जानकारी रखनी पढ़ती हैं कि दुनिया में कौन कौन सी प्रसिद्ध हस्तियाँ हैं.''
उनका कहना था, ''शहर के बड़े-बड़े होटलों में कर्मचारियों, ड्राइवरों के साथ जान पहचान बना कर रखनी पड़ती है जिससे ऐसे लोगों के बारे में जानकारी मिलती रहे.''
खीमाराम कहते हैं कि वो सिर्फ़ उन्हीं लोगों के साथ फ़ोटो खिचवाने चाहते हैं जो किसी न किसी क्षेत्र में नाम कमा चुका है. साधारण आदमी में उनकी कोई दिलचस्पी नहीं है.
अपने शहर में फ़ोटो
एक और बात वो फ़ोटो खिचवाने बाहर नहीं जाते हैं जो हस्तियाँ अहमदाबाद आती हैं बस उन्हीं के साथ वो फ़ोटो खिचवाते हैं. इसी कारण उन्हें सचिन तेंदुलकर के लिए सात साल तक इंतज़ार करना पड़ा.
उनके संग्रह में अमिताभ बच्चन, अंपायर डेविड शेफर्ड, स्टीव वॉ से लेकर मोरारी बापू, पाकिस्तानी गायक ग़ुलाम अली, कुमार शानू, सैम पित्रोदा और श्रीलंका के कई किक्रेट खिलाड़ी शामिल हैं.
तस्वीरों की तादाद इतनी ज्यादा हो गई हैं कि कई बार तो वो ख़ुद भी उनके नाम भूल जाते हैं.
ये पूछे जाने पर कि क्या हस्तियाँ उनके साथ फ़ोटो खिंचवाने के लिए आसानी से तैयार हो जाती हैं, वो कहते हैं,'' फोटो खिंचवाने से पहले मैं उनको बता देता हूँ कि ये मेरा शौक है. लेकिन कई बार ऐसा भी हुआ है कि लोगों ने फ़ोटो खिंचवाने में आनाकानी की या फिर मना कर दिया.''
हालांकि एक हस्ती ऐसी भी है जिसके साथ खीमाराम अभी तक फ़ोटो नहीं खिचवा सके हैं और खीमाराम का कहना है कि उस तस्वीर के बिना उनका संग्रह अधूरा रहेगा.
ये हस्ती हैं लता मंगेशकर जिसके साथ खीमाराम तस्वीर खिचवाने से वंचित रहे हैं और उनका सपना शायद तभी पूरा होगा जब लता मंगेशकर अहमदाबाद जाएंगी.