मंगलवार, 14 मार्च, 2006 को 08:55 GMT तक के समाचार
भारत में सांसदनिधि परियोजनाओं की रकम की सिफ़ारिश करने के बदले कमीशन लेने के मामले में चार सांसदों को 22 मार्च तक के लिए संसद से निलंबित करने की सिफ़ारिश की गई है.
इस मामले की जाँच कर रही संसदीय समिति ने चार सांसदों को बजट सत्र की अवधि तक के लिए निलंबित करने की सिफ़ारिश की है.
वी किशोर चंद्र देव की अध्यक्षता वाली समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि चार सांसदों - चर्चिल अलेमाओ, पारसनाथ यादव, फ्गन सिंह कुलस्ते और रामस्वरूप कोली का आचरण 'संदेह से परे' नहीं है.
ग़ौरतलब है कि इसके पहले पैसे लेकर संसद में सवाल पूछने के मामले में सांसदों की सदस्यता समाप्त कर दी गई थी.
समिति के अध्यक्ष वी किशोर चंद्र देव ने बीबीसी से बातचीत में कहा कि दोनों मामलों की तुलना नहीं की जानी चाहिए क्योंकि यह अलग मामला है.
उनका कहना था कि इसमें सांसदों को पैसे लेते हुए नहीं दिखाया गया है. जो सबूत हैं उसके आधार पर फ़ैसला लिया गया है.
उन्होंने बताया कि समिति ने स्टिंग ऑपरेशन के लिए भी दिशानिर्देश बनाने की सिफ़ारिश की है.
मामला
उल्लेखनीय है कि एक टीवी चैनल स्टार न्यूज़ ने कुछ सांसदों को सांसद निधि परियोजनाओं की रकम की सिफ़ारिश करने के बदले कमीशन लेने पर सहमति देते दिखाया था. चैनल ने इसे 'ऑपरेशन चक्रव्यूह' का नाम दिया था.
लोकसभा अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी ने सांसदनिधि से कमीशन स्वीकार करने के इस मामले की जाँच के आदेश दिए थे. दूसरी ओर राज्यसभा ने भी इस मामले को आचरण समिति को सौंप दिया था.
जिन सात सांसदों पर आरोप लगे थे, उनमें तीन भारतीय जनता पार्टी के और एक-एक कांग्रेस, बहुजन समाज पार्टी, समाजवादी पार्टी और राष्ट्रीय क्रांति पार्टी के सांसद हैं.
ग़ौरतलब है कि सांसदों को अपने क्षेत्र के विकास के लिए दो करोड़ रुपए की धनराशि दी जाती है.