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रविवार, 12 मार्च, 2006 को 11:42 GMT तक के समाचार

रामदत्त त्रिपाठी
बीबीसी संवाददाता

शक के आधार पर गिरफ़्तार युवक रिहा

मंगलवार सात मार्च को वाराणसी में हुए बम धमाके के सिलसिले में पुलिस ने जिन दो लोगों को गिरफ़्तार किया था उन्हें रिहा कर दिया गया है.

पुलिस ने उनके बारे में पूरी छानबीन करने के बाद कहा है कि इस मामले में उनका हाथ नहीं था.

जारी की गई तस्वीरों से हुलिया मिलने के कारण गिरफ़्तार किए गए दोनों व्यक्ति बिहार के मुजफ़्फ़रपुर के रहने वाले हैं और मुजफ़्फरपुर पुलिस ने इस बात की पुष्टि कर दी है कि उनका पिछला रिकॉर्ड साफ़-सुथरा है.

इन दोनों युवकों को हरदोई में पुलिस ने गिरफ़्तार किया था, वे धूप के चश्मों की बिक्री का कारोबार करते हैं.

हरदोई पुलिस ने इन दोनों युवकों को उनके रिश्तेदारों के हवाले कर दिया है.

उत्तर प्रदेश पुलिस का कहना है कि बम धमाकों के मामले में उसके हाथ अभी तक कोई ठोस सुराग नहीं लगा है.

पुलिस कह चुकी है कि उसे विस्फोट के पीछे लश्करे तैबा का हाथ होने का संदेह है.

पुलिस का मानना है कि बुधवार को लखनऊ में मुठभेड़ में मारा गया कश्मीरी चरमपंथी शायद वाराणसी धमाकों का सूत्रधार था.

पुलिस प्रमुख का कहना है कि इसकी पूरी संभावना है कि वह व्यक्ति वाराणसी के हमले में शामिल रहा होगा.