रविवार, 12 मार्च, 2006 को 10:06 GMT तक के समाचार
अफ़ग़ानिस्तान में आत्मघाती हमलावरों ने पूर्व राष्ट्रपति सिब्ग़तुल्ला मुजद्ददी को जान से मारने की नाकाम कोशिश की है.
इस हमले में मुजद्ददी तो बाल-बाल बच गए लेकिन दो आम नागरिकों की मौत हो गई है, दोनों आत्मघाती हमलावर भी घटनास्थल पर ही मारे गए.
मुजद्ददी अफ़ग़ानिस्तान में बनाए गए सरकारी मेलमिलाप आयोग के अध्यक्ष हैं.
विस्फोटकों से लदी गाड़ियों में विस्फोट तब हुआ जब मुजद्ददी का काफ़िला उनके पास से गुज़र रहा था.
रविवार की सुबह हुए इस हमले की ज़िम्मेदारी अभी तक किसी ने स्वीकार नहीं की है.
मुजद्ददी ने इस हमले के बाद पत्रकारों से बातचीत में कहा कि उन्हें इस बात की सूचना मिली थी पाकिस्तानी ख़ुफ़िया एजेंसी आईएसआई उनकी हत्या करना चाहती है क्योंकि वे तालेबान को बातचीत की प्रक्रिया में शामिल करने का प्रयास कर रहे थे.
मुजद्ददी ने कहा, "आईएसआई ने अफ़ग़ानिस्तान को रूसियों से भी अधिक नुक़सान पहुँचाया है."
अभी तक पाकिस्तान की ओर से इस बयान पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है.
मुजद्ददी की गाड़ी के ड्राइवर बाज़ नूर ने समाचार एजेंसी एएफ़पी को बताया, "एक बड़ी गाड़ी हमारी कार की तरफ़ आई और उसमें धमाका हुआ, हमारी गाड़ी को नुक़सान पहुँचा लेकिन उसमें बैठे सभी लोग बच गए."
धमाका इतना ज़ोरदार था कि घटनास्थल से एक किलोमीटर दूर तक के मकानों में खिड़कियों के शीशे टूट गए.
1992 में सोवियत सेना की वापसी के बाद मुजद्ददी अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रपति बने थे.
राष्ट्रपति हामिद करज़ई ने अपने निकट सहयोगी मुजद्ददी पर हुए इस हमले की निंदा की है.