http://www.bbcchindi.com

शनिवार, 11 मार्च, 2006 को 08:03 GMT तक के समाचार

रामदत्त त्रिपाठी
बीबीसी संवाददाता, लखनऊ

संदिग्ध युवकों की पहचान की कोशिश

उत्तर प्रदेश पुलिस वाराणसी धमाकों के सिलसिले में शुक्रवार को हिरासत में लिए गए दो युवकों की पहचान पक्का करने का प्रयास कर रही है.

सादिक़ और अंसार नाम के इन युवकों को हरदोई में पकड़ा गया था और अब उनको वाराणसी के निकट चंदौली ज़िले ले जाया गया है ताकि उनके पते के बारे में कोई जानकारी मिल सके.

युवकों को चंदौली ले जा रहे एक पुलिस अधिकारी ने बीबीसी को बताया,"ये साबित हो चुका है कि दोनों युवक चंदौली ज़िले के निवासी हैं और दो साल पहले ये दोनों बिहार के मुज़फ़्फ़रपुर शहर में बस गए थे".

इस बीच वाराणसी के वरिष्ठ आरक्षी अधीक्षक नवनीत सिकेरा को हटाकर उनकी जगह जी के गोस्वामी को इस पद पर नियुक्त किया गया है जो पहले भी वाराणसी में काम कर चुके हैं.

जिस दिन धमाका हुआ था उस दिन सिकेरा के अलावा वाराणसी के ज़िलाधिकारी भी छुट्टी पर थे और दोनों वरिष्ठ अधिकारियों के एक साथ छुट्टी पर होनी की काफ़ी आलोचनका की जा रही थी.

संदिग्ध व्यक्ति

अभी तक की जाँच से ये पता चला है कि दोनों युवक पाँच से आठ मार्च तक शाहजहाँपुर में थे जो वाराणसी से लगभग 500 किलोमीटर दूर है.

ऐसी स्थिति में ये मुश्किल लगता है कि दोनों धमाकों के समय वाराणसी में मौजूद थे.

लेकिन चूँकि दोनों की शक्लें पुलिस द्वारा जारी किए गए संदिग्ध व्यक्तियों के रेखाचित्रों से मिलती हैं इसलिए पुलिस कोई मौक़ा नहीं छोड़ रही है.

पुलिस वाराणसी के उस दूकानदार से भी सहायता ले रही है जिसने उनको उन दो युवकों के बारे में बताया था जो शहर के गोदौलिया इलाक़े में एक बैग में प्रेशर कुक बम रख गए थे जिसे निष्क्रिय कर दिया गया.

उत्तरप्रदेश पुलिस ने शुक्रवार को वाराणसी में हुए बम धमाकों के सिलसिले में आठ लोगों को हरदोई में हिरासत में लिया था.

पुलिस ने बताया कि इनमें से दो युवकों का हुलिया वाराणसी पुलिस द्वारा जारी किए गए रेखाचित्र से मिलता है.

इनाम

एक दिन पहले उत्तर प्रदेश पुलिस ने वाराणसी में मंगलवार को हुए धमाकों के बारे में सुराग़ देनेवाले किसी भी व्यक्ति को एक लाख रूपए का इनाम देने की घोषणा की है.

मंगलवार को वाराणसी में संकट मोचन मंदिर और मुख्य स्टेशन पर हुए विस्फोट में कम-से-कम 14 लोग मारे गए थे और 100 से अधिक घायल हो गए थे.

उत्तर प्रदेश के पुलिस प्रमुख यशपाल सिंह ने लखनऊ में कहा,"जो भी व्यक्ति पुलिस को धमाकों में लिप्त व्यक्ति की जानकारी देगा उसकी पहचान गोपनीय रखी जाएगी."

वाराणसी के पुलिस प्रमुख ने स्वीकार किया कि अभी तक पुलिस के हाथ कोई पक्का सुराग़ हाथ नहीं लगा है लेकिन उन्होंने दावा किया कि एक सप्ताह के भीतर पुलिस इस मामले को सुलझा लेगी.