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शुक्रवार, 10 मार्च, 2006 को 15:51 GMT तक के समाचार

आईआईएमसी में वेब पत्रकारिता कार्यशाला

दिल्ली स्थित भारतीय जनसंचार संस्थान में शुक्रवार को बीबीसी हिंदी डॉट कॉम और वेब दुनिया ने पत्रकारिता के छात्र-छात्राओं के लिए वेब पत्रकारिता पर एक कार्यशाला का आयोजन किया.

कार्यशालाओं के आयोजन के प्रथम चरण के कार्यक्रम का यह अंतिम पड़ाव था.

इससे पहले गुरुवार को दिल्ली स्थित जामिया मिलिया विश्वविद्यालय में कार्य़शाला का आयोजन किया गया.

दो अन्य शहरों, इंदौर और भोपाल में भी इसी तरह की कार्यशालाओं का आयोजन किया जा चुका है.

दिनभर चली इस कार्यशाला के समापन पर छात्र-छात्राओं ने कहा कि इस तरह की कार्यशाला से उन्हें काफ़ी कुछ सीखने को मिला है और अब पत्रकारिता पाठ्यक्रम पूरा करने के बाद वे वेब पत्रकारिता में भी काम करने की अपार संभावनाएं देख रहे है.

कार्यशाला की शुरुआत में बीबीसी हिंदी डॉट कॉम की संपादक सलमा ज़ैदी ने वेबसाइट के बारे में छात्रों को बताया और बीबीसी की कार्यशैली की जानकारी दी.

उन्होंने बताया कि किस तरह बीबीसी हिंदी डॉट कॉम ख़बरों के अलावा चरमपंथियों से ख़ास मुलाक़ात से लेकर प्रेमचंद और 'मंटो की पचास बरस बाद' जैसे विषयों पर विशेष सामग्री अपने पाठकों को देता रहा है.

इसके बाद वेब दुनिया के संपादक जयदीप कार्णिक ने वेब दुनिया की कार्यप्रणाली का विवरण दिया और इंटरनेट के लिए सामग्री जुटाने की प्रक्रिया की जानकारी दी.

बीबीसी हिंदी डॉट कॉम के प्रोड्यूसर आशुतोष चतुर्वेदी ने छात्र-छात्राओं को बताया कि इस विधा का व्यावहारिक पहलू क्या है.

इसके बाद सलमा ज़ैदी और जयदीप कार्णिक ने छात्र-छात्राओं के तमाम सवालों के जवाब दिए.

कार्यशाला में वेब पत्रकारिता के तमाम पहलुओं पर चर्चा के बाद छात्रों को '2020 का भारत' और 'कितने भरोसेमंद हैं समाचार माध्यम' विषयों पर वेबसाइट के लिए एक फ़ीचर लेख लिखने को कहा गया.

ग़ौरतलब है कि इन लेखों में से सर्वश्रेष्ठ को बीबीसी हिंदी डॉट कॉम और वेब दुनिया पर प्रकाशित किया जाएगा.

कार्यशाला के आखिर में इसमें शामिल होने वाले छात्र-छात्राओं को प्रमाण पत्र वितरित किए गए.