शुक्रवार, 10 मार्च, 2006 को 21:34 GMT तक के समाचार
रामदत्त त्रिपाठी
बीबीसी संवाददाता, जौनपुर से
वाराणसी में हुए बम धमाकों के सिलसिले में उत्तरप्रदेश पुलिस ने आठ लोगों को हरदोई में हिरासत में लिया है. इनमें से दो युवकों को पूछताछ के लिए लखनऊ भेज दिया गया है.
पुलिस का कहना है कि जो रेखाचित्र वाराणसी पुलिस ने जारी किए थे, इन दोनों युवकों का हुलिया उनसे मिलता जुलता है.
हरदोई लखनऊ से करीब 80 कीलोमीटर की दूरी पर है.
हरदोई के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक काशीनाथ सिंह ने बताया है कि पुलिस ने पहले कुछ संदिग्ध लोगों से बात की जो स्थानीय लोग नहीं लग रहे थे.
बातचीत में इन लोगों ने बताया कि आठ लोगों का ये गुट अग्रवाल धर्मशाला में रह रहा है. लेकिन पड़ताल के बाद पता चला कि जो नाम इन लोगों ने बताए थे उस नाम के लोग धर्मशाला में नहीं है.
इसके बाद पुलिस ने आठों लोगों को हिरासत में ले लिया.
हरदोई के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक काशीनाथ सिंह ने कहा कि इनमें से दो का हुलिया उन रेखाचित्रों से मिलता था जो वाराणसी पुलिस ने जारी किए थे.
वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा है कि हालांकि ये युवक ख़ुद को बिहार के मुज़फ़्फ़रपुर से बता रहे थे लेकिन इनकी बोली से लगता है कि वे कश्मीर के किसी इलाक़े के हैं.
इन दोनों युवकों को पूछताछ के लिए लखनऊ भेज दिया गया है.
पुलिस के मुताबिक हिरासत में लिए गए ज़्यादातर लोगों की उम्र 24-25 वर्ष की है.
रेखाचित्र जारी
वाराणसी के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिकेरा ने गुरुवार को दो संदिग्ध अभियुक्तों के रेखाचित्र जारी किए थे.
उत्तर प्रदेश पुलिस ने वाराणसी में हुए धमाकों के बारे में सुराग़ देनेवाले किसी भी व्यक्ति को एक लाख रूपए का इनाम देने की घोषणा भी की है.
उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक यशपाल सिंह ने बीबीसी को बताया कि इस मामले में कई प्रदेशों के पुलिसबलों के बीच संपर्क कायम है.
उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश का विशेष कार्यबल जम्मू कश्मीर पुलिस के लगातार संपर्क में है.
पुलिस कह चुकी है कि उसे विस्फोट के पीछे लश्करे तैबा का हाथ होने का संदेह है.
पुलिस का मानना है कि बुधवार को लखनऊ में मुठभेड़ में मारा गया कश्मीरी चरमपंथी शायद वाराणसी धमाकों का सूत्रधार था.
पुलिस प्रमुख का कहना है कि इसकी पूरी संभावना है कि यह व्यक्ति वाराणसी के हमले में शामिल रहा होगा.