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शुक्रवार, 10 मार्च, 2006 को 13:55 GMT तक के समाचार

धमाकों के सुराग़ के लिए इनाम घोषित

उत्तर प्रदेश पुलिस ने वाराणसी में मंगलवार को हुए धमाकों के बारे में सुराग़ देनेवाले किसी भी व्यक्ति को एक लाख रूपए का इनाम देने की घोषणा की है.

मंगलवार को वाराणसी में संकट मोचन मंदिर और मुख्य स्टेशन पर हुए विस्फोट में कम-से-कम 14 लोग मारे गए थे और 100 से अधिक घायल हो गए थे.

उत्तर प्रदेश के पुलिस प्रमुख यशपाल सिंह ने लखनऊ में कहा,"जो भी व्यक्ति पुलिस को धमाकों में लिप्त व्यक्ति की जानकारी देगा उसकी पहचान गोपनीय रखी जाएगी."

पुलिस प्रमुख ने बताया कि जाँच के सिलसिले में एक दूकानदार का नाम सामने आया है जिसके यहाँ से चरमपंथियों ने वे प्रेशर कुकर ख़रीदे थे जिनका विस्फोट के लिए इस्तेमाल किया गया.

यशपाल सिंह ने कहा कि उस दूकान का पता लगाने की कोशिश की जा रही है.

दावा

वाराणसी के पुलिस प्रमुख ने स्वीकार किया कि अभी तक पुलिस के हाथ कोई पक्का सुराग़ हाथ नहीं लगा है लेकिन उन्होंने दावा किया कि एक सप्ताह के भीतर पुलिस इस मामले को सुलझा लेगी.

उन्होंने कहा,"जिस प्रकार पिछले वर्ष जुलाई में अयोध्या में हुए चरमपंथी हमले को एक सप्ताह के भीतर बेनक़ाब किया गया था उसी प्रकार इस बार भी पुलिस सात दिन में मामले को सुलझा लेगी".

पुलिस प्रमुख ने बताया कि विशेष टास्क फ़ोर्स के पास लश्करे तैबा के उस चरमपंथी के बारे में कुछ जानकारी थी जिसे शुक्रवार को लखनऊ में मार गिराया गया.

उन्होंने कहा कि पुलिस ये पता लगाने का प्रयास कर रही है कि वाराणसी के धमाकों से उसका संबंध था कि नहीं.

समीक्षा

पुलिस प्रमुख ने बताया कि वाराणसी में विभिन्न धार्मिक स्थलों की सुरक्षा की समीक्षा की जा रही है.

यशपाल सिंह का कहना था कि प्रदेश में कई चरमपंथी गुट सक्रिय हैं मगर इसके पूर्व चरमपंथी घटनाओं में लश्करे तैबा का हाथ पाया गया और हो सकता है कि उसी ने वाराणसी धमाकों की साज़िश रची हो.

उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष नवंबर में दिल्ली में हुए धमाके वाराणसी में हुए धमाकों से काफ़ी मिलते-जुलते हैं क्योंकि दोनों ही स्थानों पर भीड़-भाड़ वाली जगह को निशाना बनाया गया.

यशपाल सिंह ने कहा कि विशेष टास्क फ़ोर्स 10 राज्यों की पुलिस से संपर्क में है और उनसे उनको महत्वपूर्ण जानकारियाँ मिली हैं जिनमें जम्मू-कश्मीर तथा दिल्ली पुलिस भी शामिल है.

अलग बल की ज़रूरत

पुलिस महानिदेशक यशपाल सिंह का कहना है कि बढ़ती चरमपंथी गतिविधियों को देखते हुए एक विशेष बल गठित किया जाना चाहिए.

उन्होंने कहा कि सामान्य पुलिस बल क़ानून व्यवस्था से तो निपट सकता है लेकिन वह चरमपंथी गतिविधियों से निपटने में सक्षम नहीं है.

उनको इसके लिए प्रशिक्षित नहीं किया जाता, यही वजह है कि चरमपंथी चकमा दे जाते हैं.

पुलिस प्रमुख का कहना था कि अभी तक ऐसी सूचनाएँ थीं कि चरमपंथियों के अड्डे पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हैं.