शुक्रवार, 10 मार्च, 2006 को 20:11 GMT तक के समाचार
भारत में एक अदालत ने बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान को चिंकारा के शिकार के मामले में जेल भेजे जाने के फ़ैसले पर स्थगन आदेश दिया है.
अदालत ने कहा है कि ये स्थगन आदेश तब तक है जब तक अदालत इस मामले में की गई अपील की सुनवाई कर रही है.
सलमान खान को वन्य जीव संरक्षण क़ानून के तहत जोधपुर की एक अदालत ने एक साल की जेल की सज़ा और पाँच हज़ार रुपए जुर्माना देने की सज़ा सुनाई थी.
जज यशपाल चौधरी ने फ़ैसला सुनाते हुए कहा कि जब तक अपील पर सुनवाई हो रही है जेल की सज़ा का फ़ैसला स्थगित कर दिया जाए.
मामले की अगली सुनवाई 12 अप्रैल को होगी.
सलमान खान के वकील दीपेश मेहता ने कहा, हमारा तर्क ये है कि सलमान खान शिकार में शामिल नहीं थे और सुबूतों से ये साबित नहीं होता कि कथित अपराध सलमान ने किया है.
सलमान पर आरोप था कि उन्होंने 1998 में फ़िल्म 'हम साथ साथ हैं' की शूटिंग के दौरान चिंकारा को मारा था.
इस मामले के सात अन्य अभियुक्तों को बरी कर दिया गया है.
उनके ख़िलाफ़ काले हिरण को मारने का मामला अभी भी जयपुर हाईकोर्ट में चल रहा है.सलमान खान पर मुंबई में एक अन्य मामला भी चल रहा है.
उन पर आरोप है कि 2002 में सड़क किनारे सो रहे कुछ लोगों पर उन्होंने अपनी गाड़ी चला दी थी जिससे एक व्यक्ति की मौत हो गई और तीन अन्य घायल हुए थे.
सलमान पर 10 आरोप हैं जिसमें लापरवाही से गाड़ी चलाकर किसी को मारने का आरोप भी है जिसके लिए उन्हें दो साल के लिए जेल हो सकती है.