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गुरुवार, 09 मार्च, 2006 को 04:45 GMT तक के समाचार

रामदत्त त्रिपाठी
बीबीसी संवाददाता, वाराणसी से

वाराणसी विस्फोट: लश्कर पर संदेह

उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक यशपाल सिंह ने कहा है कि मंगलवार को वाराणसी में हुए बम धमाकों के पीछे लश्करे तैबा का हाथ होने का संदेह है.

उनका कहना है कि दो दिनों की जाँच पड़ताल इस बात के साफ़ संकेत मिले हैं.

पुलिस महानिदेशक यशपाल सिंह ने बीबीसी को बताया कि संकटमोचन परिसर में धमाकों के दौरान शादी की वीडियो रिकॉर्डिंग की जा रही थी जिनसे कुछ संदिग्ध लोगों के हुलिए मिले हैं.

उनका कहना था कि इन लोगों के स्केच बनवाए जा रहे हैं और इन्हें सार्वजनिक किया जाएगा.

वाराणसी में सामान्य होता जनजीवन

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में बुधवार को राज्य के पुलिस अधिकारियों, केंद्रीय सुरक्षाबलों और गुप्तचर एजेंसियों की एक बैठक हुई.

प्राप्त जानकारी के अनुसार इस बैठक में विभिन्न स्रोतों से मिली जानकारी की समीक्षा की गई और लश्करे तैबा के हाथ होने का निष्कर्ष निकाला गया.

पुलिस का मानना है कि बुधवार को लखनऊ में मुठभेड़ में मारा गया कश्मीरी चरमपंथी शायद वाराणसी धमाकों का सूत्रधार था.

उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक यशपाल सिंह ने कहा है कि इसकी पूरी संभावना है कि यह व्यक्ति वाराणसी के हमले में शामिल रहा होगा.

चरमपंथी गतिविधियाँ

यहाँ ये बात ध्यान रखनेवाली है कि वाराणसी में हुई घटना उत्तर प्रदेश में संदिग्ध चरमपंथी हमले की कोई पहली घटना नहीं है.

पिछले ही वर्ष जुलाई में बिहार से दिल्ली जा रही एक ट्रेन श्रमजीवी एक्सप्रेस में जौनपुर के पास विस्फोट हुआ था जिसमें कम-से-कम नौ लोग मारे गए थे.

उस समय भी संदेह व्यक्त किया गया था कि ट्रेन में विस्फोटक वाराणसी कैंट स्टेशन से रखे गए थे.

श्रमजीवी एक्सप्रेस में धमाकाः 'आरडीएक्स' का इस्तेमाल

श्रमजीवी एक्सप्रेस में हुए धमाके से पहले जुलाई में ही अयोध्या में विवादित राममंदिर परिसर पर चरमपंथियों ने हमले की नाकाम कोशिश की थी और सुरक्षाबलों ने पाँच चरमपंथियों को मार डाला था.

उत्तर प्रदेश पुलिस ने तब भी अयोध्या में हुए हमले के पीछे लश्करे तैबा का हाथ बताया था.

अयोध्या में चरमपंथी हमले की कोशिश नाकाम

इसलिए ये संदेह पहले से ही बना हुआ है कि वाराणसी और जौनपुर के आसपास के इलाक़े में चरमपंथियों का आधार हो सकता है.

वाराणसी में वैसे विश्वनाथ मंदिर पर भारी सुरक्षा रहती है क्योंकि वहाँ भी मंदिर से लगी एक मस्जिद के कारण अयोध्या जैसे विवाद की स्थिति है.

लेकिन संकट मोचन मंदिर या रेलवे स्टेशन पर उस तरह की सुरक्षा नहीं होने के कारण संभवतः उनको निशाना बनाना आसान समझा गया.

चौकसी

फ़िलहाल वाराणसी में हमले के बाद वहाँ दर्शनार्थियों की तलाशी और चुस्त कर दी गई है. साथ ही शहर के सभी होटलों और धर्मशालाओं पर नज़र रखी जा रही है.

पुलिस ने लोगों से कोई भी संदिग्ध वस्तु दिखाई देने पर तुरंत सूचना देने की अपील की है.

मंगलवार शाम को वाराणसी में संकट मोचन मंदिर और रेलवे स्टेशन पर दो विस्फोट हुए थे जिनमें 14 लोग मारे गए थे और सौ से ज़्यादा लोग घायल हो गए.

घायलों में उत्तर प्रदेश, बिहार और नेपाल के कुछ लोग शामिल हैं. रेलवे स्टेशन पर हुए विस्फोट में एक मुस्लिम व्यक्ति भी घायल हो गया था.