गुरुवार, 09 मार्च, 2006 को 15:10 GMT तक के समाचार
भारत के राज्य तमिलनाडु में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस पार्टी और प्रदेश की एक मुख्य क्षेत्रीय पार्टी डीएमके के बीच चुनावी तालमेल पर समझौता हुआ है.
इस समझौते के तहत कांग्रेस पार्टी प्रदेश की 234 सीटों में से 48 सीटों पर चुनाव लड़ेगी जबकि डीएमके पार्टी 129 सीटों पर.
बाकी की सीटें अन्य सहयोगी पार्टियों को दी जाएँगी.
सरकार बनाने के लिए डीएमके को विधानसभा में कम से कम 118 सीटें जीतनी होंगी.
पर्यवेक्षकों का कहना है कि अपनी सहयोगी पार्टियों को इतनी सीटें देकर डीएमके पार्टी ने बड़ा जोखिम उठाया है.
लेकिन डीएमके नेताओं का कहना है कि उन्होंने मज़बूत गठबंधन बनाया है और उन्हें उम्मीद है कि पार्टी अपने दम पर बहुमत हासिल कर लेगी.
तमिलनाडु में आठ मई को विधानसभा चुनाव होने हैं. केंद्र में कांग्रेस की अगुआई वाली गठबंधन सरकार में डीएमके पार्टी भी शामिल है.
वाइको-जयललिता बातचीत
इससे पहले तमिलनाडु की एक अन्य पार्टी एमडीएमके ने राज्य की मुख्यमंत्री और एआईएडीएमके पार्टी की महासचिव, जयललिता से हाथ मिलाने का फ़ैसला किया था.
समझौते के तहत एमडीएमके 35 सीटों पर चुनाव लड़ेगी.
एमडीएमके केंद्र में संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) की सरकार को समर्थन दे रही है.
पहले एमडीएमके महासचिव वाइको ने डीएमके पार्टी के नेता करुणानिधि के साथ मिलकर चुनाव लड़ने के लिए बातचीत शुरू की थी लेकिन सहमति नहीं बन पाई.
वाइको के ख़िलाफ़ वर्ष 2004 में आतंकवाद निरोधक क़ानून पोटा के तहत मामला दर्ज किया गया था जिसके बाद उन्हें 18 महीनों तक जेल में रहना पड़ा था.
उस वक़्त जयललिता ने वाइको की गिरफ़्तारी को सही बताते हुए कहा था कि एमडीएमके पर प्रतिबंध लगा देना चाहिए.