बुधवार, 08 मार्च, 2006 को 08:50 GMT तक के समाचार
बीबीसी हिंदी डॉट कॉम और वेब दुनिया की दूसरी ऑनलाइन कार्यशाला भोपाल के माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय में मंगलवार को हुई.
इससे पहले इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय में सोमवार को पहली कार्यशाला हुई थी.
इस कार्यशाला के आयोजन का स्वागत करते हुए माखनलाल पत्रकारिता विश्वविद्यालय के कुलपति और वरिष्ठ पत्रकार अच्युतानंद मिश्र ने कहा कि इससे यक़ीनन ही छात्र छात्राओं को लाभ मिलेगा.
कार्यशाला के बाद छात्र-छात्राओं ने कहा कि इस कार्यशाला के बाद उनको मीडिया के एक नए आयाम से परिचित होने का अवसर मिला है और भविष्य के लिए एक और रास्ता खुला है.
इस कार्यशाला में बीबीसी हिंदी डॉट कॉम की संपादक सलमा ज़ैदी और वेब दुनिया के संपादक जयदीप कार्णिक ने छात्र-छात्राओं को ऑनलाइन पत्रकारिता के बारे में विस्तार से जानकारी दी.
इंटरनेट पत्रकारिता
विश्वविद्यालय के कुलपति अच्युतानंद मिश्र ने कहा कि नब्बे के दशक में जब डॉट कॉम की शुरुआत हुई तो एकाएक लगा था कि एक नई दुनिया खुल गई है.
लेकिन बाद में पता चला कि वेबसाइट ने अपनी वित्तीय आधार के बारे में पूरी तैयारी नहीं की थी.
उन्होंने कहा कि अब लगता है कि भविष्य में यह माध्यम और ताक़तवर होगा.
वरिष्ठ पत्रकार उमेश त्रिवेदी ने कहा कि इंटरनेट एक त्रिआयामी माध्यम है जो कई कोणों से चीज़ों को सामने रखता है.
बीबीसी हिंदी डॉट कॉम की संपादक सलमा ज़ैदी ने कार्यशाला आयोजित करने की आवश्यकता को रेखांकित करते हुए कहा, “ऐसा महसूस हो रहा था कि देश में ऑनलाइन पत्रकारिता तेज़ी से उभर रही है लेकिन इसके बारे में जानकारी का अभाव है. इसलिए सोचा गया कि पत्रकारिता के विद्यार्थियों से ही इसकी शुरुआत की जाए.”
जयदीप कार्णिक ने बताया कि ऑनलाइन पत्रकारिता किस तरह तेज़ी से दुनिया भर में अपनी जगह बनाती जा रही है.
उन्होंने हिंदी में ऑनलाइन पत्रकारिता की कठिनाइयों का ज़िक्र करते हुए कहा, “उम्मीद है कि आने वाले दिनों में तमाम तकनीकी दिक्कतें दूर हो जाएगी”
कार्यशाला
कार्यशाला की शुरुआत में सलमा ज़ैदी ने बीबीसी हिंदी डॉट कॉम के बारे में विस्तृत जानकारी दी और कार्यशैली के बारे में जानकारी दी.
इसी तरह वेब दुनिया के बारे में जयदीप कार्णिक और उपसंपादक सीमा पांडे ने बेव दुनिया के बारे में और ऑनलाइन पत्रकारिता की कार्यप्रणाली के बारे में जानकारी दी.
इसके बाद कार्यशाला में आए विद्यार्थियों ने ऑनलाइन पत्रकारिता को लेकर अपनी जिज्ञासाएँ सामने रखीं.
विद्यार्थियों को दो विषयों में से किसी एक विषय पर एक आलेख लिखने को कहा गया. इस कार्यशाला के विषय थे, ‘नई तकनीक और पत्रकारिता की चुनौती’ और दूसरा ‘क्या हिंदी भविष्य की भाषा है.’
इन आलेखों में से सर्वश्रेष्ठ आलेख को बीबीसी हिंदी डॉट कॉम और वेब दुनिया पर प्रकाशित किया जाएगा.
कार्यक्रम के अंत में छात्र-छात्राओं को प्रमाण पत्र वितरित किए गए.
अगली दो कार्यशालाएँ दिल्ली के जामिया विश्वविद्यालय और भारतीय जनसंचार संस्थान में नौ और दस मार्च को आयोजित होंगी.