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सोमवार, 06 मार्च, 2006 को 20:10 GMT तक के समाचार

'वज़ीरिस्तान में कई चरमपंथी मारे गए'

पाकिस्तानी सेना का कहना है कि उत्तरी वज़ीरिस्तान पिछले तीन दिनों से जारी संघर्ष में अब तक 120 से अधिक चरमपंथी मारे जा चुके हैं.

पाकिस्तान के कबायली इलाक़े उत्तरी वज़ीरिस्तान के मीरान शाह नाम के शहर के आसपास हो रही लड़ाई में पाकिस्तानी सेना ने हेलिकॉप्टरों से गोले से दागे हैं.

मीरान शाह में कर्फ़्यू लगा दिया है लेकिन लड़ाई के डर से बड़ी संख्या में लोगों के पलायन की ख़बरें मिली हैं.

बीबीसी संवाददाता बारबरा प्लेट का कहना है कि इस इलाक़े में सेना और तालेबान समर्थक चरमपंथियों के बीच यह अब तक की सबसे भीषण मुठभेड़ है.

शनिवार को सैकड़ों चरमपंथी छापामारों ने मीरान शाह में सरकारी इमारतों पर कब्ज़ा कर लिया था.

इससे पहले पिछले सप्ताह पाकिस्तानी सेना ने चरमपंथियों के कथित ठिकाने पर गोलीबारी की थी जिसमें बड़ी संख्या में लोग मारे गए थे.

सोमवार को भी पाकिस्तानी सेना ने दावा किया था कि मीरान शाह में टेलीफ़ोन एक्सचेंज की इमारत में हुई मुठभेड़ में 19 चरमपंथी मारे गए थे जिनमें से कई विदेशी चरमपंथी भी थे.

सन्नाटा

पाकिस्तानी सरकार के वरिष्ठ अधिकारी अब्दुल कयूम ने कहा कि मीरान शाह में कर्फ्यू लागू रहेगा, बीच में तीन घंटे का समय होगा जब लोग अपनी ज़रूरत की चीज़ें खरीद सकेंगे.

अधिकारियों ने बताया कि मीरान शाह में बिजली अब भी गुल है लेकिन टेलीफ़ोन सेवाएँ काफ़ी हद तक बहाल कर दी गई हैं.

बीबीसी संवाददाता हारून रशीद सहित कई पत्रकारों को मीरान शाह में घुसने नहीं दिया गया इसलिए मीरान शाह की सही स्थिति के बारे में पुख़्ता जानकारी देना संभव नहीं हो पा रहा.

मीरान शाह में रहने वाले एक व्यक्ति ने बताया, "हज़ारों लोग पहले ही भाग चुके हैं और बड़ी तादाद में लोग अब भी भाग रहे हैं."

अपने परिवार के साथ मीरान शाह छोड़कर भाग रहे मोहम्मद अनवर ने पत्रकारों से कहा, "हम सुबह होने का इंतज़ार कर रहे थे, रात भर लड़ाई चलती रही और हमें डर लगता रहा कि सेना के गोलों से हमारी मौत हो जाएगी."

एक अन्य प्रत्यक्षदर्शी ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स को बताया कि मीरान शाह में पाकिस्तानी सेना के हेलिकॉप्टर लगातार गोले दाग़ रहे हैं.

पिछले तीन वर्षों से अफ़ग़ान सीमा पर स्थित इस क़बायली इलाक़े में पाकिस्तानी सेना अभियान चला रही है, पाकिस्तानी सेना का कहना है कि यहाँ बहुत बड़ी संख्या में विदेशी चरमपंथी जमा हो गए हैं.