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सोमवार, 06 मार्च, 2006 को 08:39 GMT तक के समाचार

भारत सर्वमान्य समझौते के पक्ष में

भारत के प्रधानमंत्री ने कहा है कि ईरान मसले का समाधान एक सर्वमान्य समझौते के आधार पर होना चाहिए. उन्होंने कहा कि मसले का समाधान बातचीत के ज़रिए ही निकालना चाहिए.

इस मसले पर भारतीय रुख़ की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा, "सरकार का रुख़ हमारी विदेश नीति पर आधारित होगा जिसके तहत हम इस मसले का हल बातचीत और बहस के जरिए निकालने की कोशिश को अपना समर्थन देंगे."

आईएईए में ईरान मसले पर सोमवार की बैठक के बारे में उन्होंने बताया कि इस बारे में अभी तक कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिली है कि बोर्ड में इस मामले को किस तरह से रखा जाएगा. वियना में इस पर चर्चा चल रही है.

उन्होंने कहा कि जहाँ पर भी इस बारे में चर्चा होगी हम निर्गुट देशों के साथ ही उन सभी देशों का साथ देंगे जो इस मसले का बातचीत और बहस के जरिए समाधान चाहते हैं.

चिंता

हालांकि मनमोहन सिंह ने कहा कि ईरान को वैधानिक रूप से परमाणु संवर्धन का अधिकार तो है पर इसके साथ ही यह ज़िम्मेदारी भी है कि अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के साथ तय मानकों का पालन किया जाए.

उन्होंने कहा कि पिछले कुछ समय में ईरान के परमाणु कार्यक्रम के लेकर तमाम सवालों का अभी तक कोई जवाब नहीं मिला है और साथ ही यह भी महसूस हुआ है कि अपने परमाणु कार्यक्रम को लेकर ईरान ने आईएईए का सहयोग न करने का मन बना लिया है.

मनमोहन सिंह ने कहा कि भारत का रुख़ आईएईए की जाँच से निकले तथ्यों और ईरान द्वारा दी गई जानकारी पर आधारित रहा है.

उन्होंने कहा कि हम ईरान के साथ अपने संबंधों, खाड़ी के देशों में शांति और अपनी सुरक्षा को ध्यान में रखेंगे.

सदन में एक प्रश्न का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि हम ऐसे किसी प्रस्ताव के पक्ष में नहीं हैं जिसके तहत ईरान में सत्ता परिवर्तन की बात की जाए.