रविवार, 05 मार्च, 2006 को 18:48 GMT तक के समाचार
पाकिस्तान में सैन्य प्रवक्ता मेजर जनरल शौकत सुल्तान ने कहा है कि उत्तरी वज़ीरिस्तान के क़बायली इलाक़े में सेना और तालेबान समर्थक विद्रोहियों के बीच संघर्ष में 51 लोग मारे गए हैं.
मेजर जनरल शौकत सुल्तान ने इस्लामाबाद में एक पत्रकार सम्मेलन में बताया कि मारे गए लोगों में 46 चरमपंथी और पाँच सुरक्षा बलों के सदस्य हैं.
स्थानीय मीडिया ने इलाक़े में रहने वाले लोगों के हवाले से ख़बर दी है कि इस लड़ाई में मारे गए लोगों की संख्या कहीं ज़्यादा हो सकती है.
शौकत सुल्तान ने बताया कि इस लड़ाई को देखते हुए कुछ लोग सुरक्षित स्थानों की तरफ़ चले गए हैं लेकिन उन्होंने ऐसे लोगों की संख्या नहीं बताई.
शौकत सुल्तान ने कहा, "हम आम लोगों के मारे जाने की संभावना से इनकार नहीं करते क्योंकि चरमपंथियों ने ऐसे स्थानों पर अपने छुपने के ठिकाने बना रखे हैं जहाँ आम लोग बसते हैं."
उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों ने मीर अली नामक शहर में उन सभी सरकारी इमारतों को अपने क़ब्ज़े में ले लिया है जिन पर लड़ाई से पहले चरमपंथियों ने क़ब्ज़ा कर लिया था.
सुल्तान ने कहा, "अब स्थानीय प्रशासन को बहाल कर दिया गया है और वह इलाक़ा पूरी तरह से सुरक्षा बलों को नियंत्रण में है."
सेना ने विद्रोहियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई में तोपों के अलावा हेलीकॉप्टरों का भी इस्तेमाल किया है. जबकि विद्रोहियों ने हमले में रॉकेट लाँचरों का भी उपयोग किया है.
विद्रोहियों ने धावा बोला
ताज़ा संघर्ष की शुरुआत शनिवार को हुई जब विद्रोहियों ने दो शहरों मिरान शाह और मीर अली पर चढ़ाई कर दी.
विद्रोहियों ने मिरान शाह में अर्धसैनिक बल के मुख्याल पर भी हमला करने की कोशिश की.
अधिकारियों के अनुसार चरमपंथियों ने पहले सुरक्षाकर्मियों पर मोर्टार दागे और गोलियाँ चलाईं जिसके बाद सेना ने हेलीकॉप्टर भेजे और उनसे हमले किए गए.
अफ़ग़ानिस्तान पर 2001 में अमरीका की अगुआई में हुए हमले के बाद तालेबान और अल क़ायदा के चरमपंथी भागकर उत्तरी वज़ीरिस्तान में छिप गए थे.
इसके बाद पाकिस्तान ने उस इलाक़े में हज़ारों सैनिकों को तैनात कर दिया. तब से वहाँ नियमित रूप से दोनों पक्षों में संघर्ष होता रहा है.