रविवार, 05 मार्च, 2006 को 12:04 GMT तक के समाचार
फ़ैसल मोहम्मद अली
बीबीसी संवाददाता, भोपाल
छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा ज़िले में नक्सली चरमपंथियों ने शनिवार रात को एक रेल इंजन को बम लगाकर उड़ा दिया.
घटना स्थल पर मौजूद रेलवे कर्मचारियों के अनुसार विद्रोहियों ने भामनी रेलवे स्टेशन को भी उड़ाने की तैयारी से वहाँ पर भी बम लगाया था लेकिन बम फट नहीं सका.
पुलिस का कहना है कि रात के अंधेरे में 25-30 नक्सलियों ने स्टेशन को घेर लिया और रेलवे कर्मचारियों के हाथ-पैर बाँध दिए.
उन्होंने स्टेशन पर मौजूद लोगों से भी भाग जाने के लिए कहा.
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार धमाका इतना जबर्दस्त था कि इंजन के परखच्चे उड़ गए और आधा किलोमीटर दूर तक जाकर गिरे.
धमाके से रेल लाइन को भी नुकसान पहुँचा है जिसकी मरम्मत का काम जारी है.
घटनाएं
पिछले कुछ दिनों में ऐसी कई घटनाएं हुई हैं जिसमें पुलिस के मुताबिक नक्सलियों ने बिजलीघर के ट्रांसफ़ार्मर और वायरलैस संचार टॉवरों को बम से उड़ा दिया है.
विद्रोहियों ने बालाडीला स्थित नेशनल मिनरल डेवलेपमेंट कॉरपोरेशन के बारूद गोदाम को लूटते समय भी कम्युनिकेशन टॉवर को नुकसान पहुँचाया था.
ऐसा उन्होंने जशपुर की एक पुलिस चौकी से हथियार लूटने के पहले भी किया था.
बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक एमडब्ल्यु अंसारी ने कहा, "नक्सली इस तरह की गतिविधियां बौखलाहट के कारण कर रहे हैं क्योंकि पुलिस ने उनपर दबाव बनाए रखा है."
विशेषज्ञ कहते हैं कि पिछले वर्ष जून से शुरू हुए राज्य सरकार समर्थित नक्सल विरोधी कार्यक्रम से विद्रोहियों पर थोड़ा दबाव तो पड़ा है पर इसका ख़ामियाजा आम लोगों और ख़ासतौर पर आदिवासियों को ज़्यादा उठाना पड़ा है.
राज्य गृह मंत्रालय के मुताबिक जून से इस वर्ष जनवरी तक नक्सली हमले में 95 लोग मारे गए हैं जिसमें ज़्यादातर आदिवासी थे.