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शनिवार, 04 मार्च, 2006 को 08:18 GMT तक के समाचार

आतंकवाद और 'उग्र इस्लाम' पर चर्चा

अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने दक्षिण एशिया के अपने दौरे के अंतिम चरण में पाकिस्तान की यात्रा शुरू करते हुए कहा कि वह राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ के साथ आतंकवाद के ख़िलाफ़ लड़ाई और उग्र इस्लाम पर चर्चा करेंगे.

भारत से पाकिस्तान के लिए रवाना होने से पहले बुश ने कहा, "मैं राष्ट्रपति मुशर्रफ़ से मुलाक़ात करके आतंकवाद के ख़िलाफ़ लड़ाई में उनके अहम सहयोग पर चर्चा करूंगा. साथ ही आर्थिक और राजनीतिक विकास पर भी चर्चा करूंगा ताकि उग्र इस्लाम का आकर्षण कम किया जा सके."

बुश ने भारत में स्पष्ट किया था कि अमरीका-पाकिस्तान के बीच अच्छे संबंध भारत के लिए अच्छे हैं और अमरीका-भारत के बीच अच्छे संबंध पाकिस्तान के लिए अच्छे हैं.

पाकिस्तान रवाना होने से पूर्व राष्ट्रपति बुश ने पाकिस्तान को अमरीका का महत्वपूर्ण सहयोगी और दोस्त बताया.

राष्ट्रपति बुश ने कहा कि वो चाहते हैं कि पाकिस्तान समृद्ध और लोकतांत्रिक देश बने लेकिन उन्होंने राष्ट्रपति मुशर्रफ़ के सेना प्रमुख का पद संभालने पर कोई टिप्पणी नहीं की.

चिंता

भारत में अपने भाषण में बुश ने कश्मीर विवाद के बारे में अमरीका की भूमिका की कोई चर्चा नहीं की जबकि पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ ने एक दिन पहले ही कहा था कि अमरीका को इस बारे में हस्तक्षेप करना चाहिए.

पाकिस्तानी नेता अमरीका और भारत में तेज़ी से बढ़ती नज़दीकियों को लेकर चिंतित हैं.

पाकिस्तान भी अमरीका के साथ भारत की तरह परमाणु समझौता करना चाहता है. लेकिन भारत की तरह पाकिस्तान के साथ किसी समझौते की उम्मीद नहीं की जा रही है.

राष्ट्रपति मुशर्रफ़ चाहते हैं कि अमरीकी राष्ट्रपति सार्वजनिक रूप से समर्थन की कोई ऐसी घोषणा करें जिससे उनकी स्थित पाकिस्तान और इस क्षेत्र में मज़बूत हो सके.

राष्ट्रपति बुश के दौरे के लिए इस्लामाबाद में सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए हैं और हज़ारों सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है.

दूसरी ओर विपक्षी दलों ने बुश की यात्रा के ख़िलाफ़ विरोध व्यक्त करने का फ़ैसला किया है.