शुक्रवार, 03 मार्च, 2006 को 04:56 GMT तक के समाचार
भारतीय आम जल्द ही भारत- अमरीकी संबंधों में मिठास घोलते नज़र आएँगे. अमरीकी राष्ट्रपति बुश ने भारतीय आमों के आयात पर से प्रतिबंध हटाने की घोषणा की.
अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने गुरुवार को घोषणा की कि अमरीका को भारतीय आमों का इंतज़ार है.
फलों का राजा माने जाने भारतीय आमों के आयात पर अभी तक अमरीका ने प्रतिबंध लगा रखा है.
अमरीका की दलील रही है कि भारतीय आमों में कीटनाशक दवाएँ होती हैं.
राष्ट्रपति बुश ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के साथ संयुक्त पत्रकारवार्ता में घोषणा की,'' अमरीकी उदारीकरण और बाज़ार खोलने की योजना के तहत भारतीय आमों के खाने का इंतज़ार कर रहे हैं.''
बुश का कहना था कि अमरीका भारतीय उत्पादों के लिए अपना बाज़ार खोल रहा है. उनका कहना था कि अमरीका भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक सहयोगी है.
दोनों देशों के प्रमुख कारोबारियों ने दोनों नेताओं को एक रिपोर्ट भी सौंपी है जिसमें सुझाया गया है कि दोनों देश कैसे आर्थिक सहयोग और कारोबार बढ़ा सकते हैं.
राष्ट्रपति बुश ने भारतीय और अमरीकी संस्थानों को संयुक्त रूप से कृषि अनुसंधान योजनाओं पर काम करने को कहा है.
इस पहल में भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह भी पीछे नहीं रहे. उन्होंने राष्ट्रपति बुश को दोपहर का भोज दिया तो उसमें आम की कुल्फी शामिल थी.