शुक्रवार, 03 मार्च, 2006 को 01:58 GMT तक के समाचार
उमर फ़ारुक़
बीबीसी संवाददाता, हैदराबाद
अमरीकी राष्ट्रपति बुश भारत के साइबर शहर माने जाने वाले हैदराबाद की यात्रा पर हैं. वहाँ उनकी सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए गए हैं.
हैदराबाद भारत का आधुनिक चेहरा माना जाता है और वहाँ अनेक साफ्टवेयर कंपनियाँ स्थित हैं.
उनकी शुक्रवार को हैदराबाद की चार घंटे की यात्रा के लिए लगभग 12 हज़ार सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं.
अमरीकी राष्ट्रपति बुश एनजी रंगा कृषि विश्वविद्यालय और इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस का दौरा कर रहे हैं.
इन दोनों संस्थान से 10 किलोमीटर के क्षेत्र को सुरक्षा घेरे में ले लिया है. लगभग 150 जाँच चौकियाँ स्थापित की गईं हैं और 300 त्वरित कार्रवाई दस्ते तैनात किए गए हैं.
राष्ट्रपति बुश हैदराबाद में हेलिकॉप्टर से ही एक स्थान से दूसरे स्थान जाएँगे. पुलिस का कहना है कि माओवादियों की धमकी के मद्देनज़र सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है.
केंद्र सरकार बुश की हैदराबाद यात्रा को कितना महत्व देती है, उसका अंदाज़ इस बात से लगता है कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने गुरुवार को राज्य के मुख्यमंत्री राजशेखर रेड्डी से बातचीत की.
हैदराबाद में मुस्लिम आबादी काफ़ी बड़ी संख्या में है और वे अफ़ग़ानिस्तान और इराक़ में अमरीकी कार्रवाई से नाराज़ हैं.
उन्होंने राष्ट्रपति बुश के दौरे को लेकर शुक्रवार को बंद का आह्वान किया है. साथ ही वामपंथी दलों ने भी विरोध प्रदर्शन का आयोजन किया है.
इन प्रदर्शनों में भारी जुटने की संभावना पुलिस के एक बड़ा सिरदर्द बनी हुई है.
ग़ौरतलब है कि गुरुवार को भारत और अमरीका के बीच असैनिक परमाणु सहयोग को लेकर ऐतिहासिक सहमति हो गई.
दिल्ली में अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश और भारत के प्रधानममंत्री मनमोहन सिंह ने संयुक्त पत्रकारवार्ता में इसकी घोषणा की.
इससे पहले दोनों देशों के बीच असैनिक परमाणु कार्यक्रम को लेकर कुछ असहमतियाँ थीं लेकिन दोनों देशों के अधिकारियों के बीच कई दौरों की बातचीत के बाद ये सहमति बनी है.