बुधवार, 01 मार्च, 2006 को 12:58 GMT तक के समाचार
रामदत्त त्रिपाठी
बीबीसी संवाददाता, लखनऊ
बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) विधायकों के दलबदल पर हाईकोर्ट के फ़ैसले के बाद उत्तर प्रदेश में राजनीति गरमाती जा रही है.
बुधवार को सरकार में शामिल दो मंत्रियों ने और एक निगम अध्यक्ष ने अपने पद से इस्तीफ़ो दे दिया है. ये तीनों ही बीएसपी छोड़कर समाजवादी पार्टी में शामिल होने वाले 40 विधायकों में शामिल थे.
उधर कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष सलमान खुर्शीद और विधायक दल के नेता प्रमोद तिवारी ने राज्यपाल से मुलाक़ात की है.
इलाहाबाद हाईकोर्ट की एक पीठ ने मंगलवार को दो के मुक़ाबले एक के बहुमत से दिए फ़ैसले से बहुजन समाज पार्टी के 40 विधायकों के दलबदल का मामला एक बार फिर विधानसभा अध्यक्ष के पास पहुँचा दिया था.
मंत्री पद छोड़ने वाले दोनों मंत्रियों जयवीर सिंह, सुरेंद्र विक्रम सिंह और मंत्रिपद का दर्जे वाला निगम अध्यक्ष पद छोड़ने वाले धरमपाल सिंह ने एक अन्य विधायक रामजी शुक्ला के साथ राज्यपाल से मुलाक़ात की है.
उन्होंने कहा है कि वे समाजवादी पार्टी भी छोड़ रहे हैं और विधानसभा में उनके बैठने की अलग व्यवस्था की जानी चाहिए.
बीबीसी संवाददाता रामदत्त त्रिपाठी के अनुसार जयवीर सिंह ने कहा है कि सरकार की ओर से उन्हें धमकाया जा रहा है इसलिए उन्हें सुरक्षा दी जानी चाहिए.
कांग्रेस
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष सलमान खुर्शीद और विधायक दल के नेता प्रमोद तिवारी ने राज्यपाल से मुलाक़ात की है.
इस मुलाक़ात के बाद सलमान ख़ुर्शीद ने कहा है कि बीएसपी से समाजवादी पार्टी में आए जितने भी लोगों को मंत्री बनाया गया था उन्हें इस्तीफ़ा दे देना चाहिए.
उन्होंने मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव से भी इस्तीफ़ो देने की मांग की है.
बीबीसी से हुई बातचीत में उन्होंने कहा कि राज्य में जैसी स्थिति है उसमें राज्य में चुनाव से पहले कुछ समय के लिए राष्ट्रपति शासन लागू कर देना चाहिए.
यह पूछे जाने पर कि क्या राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने के प्रस्ताव को संसद में समर्थन मिलेगा, उन्होंने कहा कि यदि राजनीतिक दल अपने वर्तमान रुख़ पर क़ायम रहे तो पर्याप्त समर्थन मिल जाएगा.