सोमवार, 27 फ़रवरी, 2006 को 10:13 GMT तक के समाचार
अमरीका के राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने कहा है कि वे भारत और पाकिस्तान की अपनी आगामी यात्रा के दौरान दोनों देशों से कश्मीर विवाद को सुलझाने का आग्रह करेंगे.
राष्ट्रपति बुश एक मार्च को तीन दिन के दौर पर भारत पहुँचेंगे जिसके बाद वे पाकिस्तान जाएँगे.
पाकिस्तानी टीवी चैनल को दिए गए एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा है कि कश्मीर के मामले पर दोनों देशों के प्रयासों में प्रगति होती दिख रही है, उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि दोनों देश इस समस्या का हल निकाल सकते हैं.
उन्होंने कहा, "मैं अपनी इस यात्रा का इस्तेमाल दोनों देशों के नेतृत्व से यह अपील करने के लिए करूँगा कि वे अपने प्रयास जारी रखें और इस विचार के साथ आगे बढ़ें कि कश्मीर विवाद का हल निकल सकता है."
माना जा रहा है कि कश्मीर के अलावा राष्ट्रपति बुश पाकिस्तान से कहेंगे कि अल क़ायदा के चरमपंथियों के ख़िलाफ़ और सख़्ती की जाए.
उनकी भारत यात्रा के एजेंडे में असैनिक परमाणु ऊर्जा सहयोग काफ़ी ऊपर है और उन्होंने कुछ ही दिनों पहले विश्वास प्रकट किया है कि उनकी यात्रा के दौरान इस मुद्दे पर सहमति बन जाएगी.
अवसर
बुश ने कहा, "काफ़ी कुछ दाँव पर लगा है लेकिन ऐसे अवसर पहले कभी नहीं रहे."
परमाणु ऊर्जा सहयोग के मामले पर भारत ने कहा है कि अमरीकी विदेश उप मंत्री के साथ दिल्ली में हुई बातचीत में प्रगति हुई है और कई मतभेदों का हल निकला है.
अमरीका का कहना है कि भारत को इसके लिए अपने सैनिक और असैनिक परमाणु ऊर्जा सुविधाओं को अलग-अलग करना होगा लेकिन अभी यह स्पष्ट नहीं है कि भारत इसके लिए राज़ी हुआ है या नहीं.
अमरीकी संसद के कई सदस्यों का कहना है कि भारत ने परमाणु अप्रसार संधि यानी एनपीटी पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं इसलिए उसके साथ परमाणु सहयोग करना उचित नहीं होगा.