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शनिवार, 25 फ़रवरी, 2006 को 02:56 GMT तक के समाचार

आशुतोष चतुर्वेदी
बीबीसी संवाददाता, दिल्ली

'चलत मुसाफ़िर मोह लियो रे...'

रेल मंत्री लालू यादव के रेल बजट पर सभी अख़बारों ने सकारात्मक टिप्पणियाँ की हैं. अख़बारों ने रेल बजट की खुल कर प्रशंसा की है.

दैनिक जागरण का शीर्षक है- लालू की रेल करेगी विमानों को फेल.

अख़बार लिखता है कि माहौल अनुकूल हो, खजाना मुनाफ़े से भरा हो और प्रयोग भी सफल हो रहे हों तो फिर लालू भला किसी का सफ़र क्यों ख़राब करते.

रेलवे की बदली हुई तस्वीर के साथ उन्होंने ऐसा बजट पेश किया जिससे आम मुसाफ़िर भी बाग-बाग होंगे और खास भी.

हिंदुस्तान का शीर्षक है-चलत मुसाफ़िर मोह लियो रे...

अख़बार लिखता है कि रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव ने अपने लगातार तीसरे लोक लुभावन रेल बजट में सस्ती विमान सेवाओं के यात्रियों को आकर्षित करने के लिए वातानुकूलित श्रेणी के किराए में 10 से 18 फ़ीसदी तक की कटौती की है.

नवभारत टाइम्स की सुर्खी है-आपकी यात्रा एयरकंडीशंड हो.

अख़बार के अनुसार वर्ष-2006 को यात्री सेवा वर्ष घोषित करते हुए रेल मंत्री लालू यादव ने शुक्रवार को संसद में मीठा-मीठा रेल बजट पेश किया.

पंजाब केसरी का शीर्षक है- लालू की बजट एक्सप्रेस में सभी चेहरों पर मुस्कान.

समाचारपत्र के अनुसार रेल मंत्री लालू यादव ने रेल बजट में रेल यात्रियों को तोहफे ही तोहफे देकर 'बेहतर सेवा वाजिब दाम, रेल की होगी यही पहचान' के नारे के साथ यात्रियों के चेहरे पर मुस्कान ला दी.

अंग्रेज़ी दैनिक टाइम्स ऑफ़ इंडिया का हेडिंग है- लालू को एसी की ठंड की हवा लगी.

अख़बार का कहना है कि भले ही लालू की अपनी राजनीति ‘ग़रीब’ जैसे भावनात्मक नारे से करते हों. लेकिन उन्होंने बजट में सभी वर्गों का ध्यान रखा है.

एशियन एज की हेंडिग है- जेट युग में लालू की ट्रेन. अख़बार के अनुसार लालू इस बजट में जनसंपर्क के मामले में शिखर पर रहे.

राष्ट्रीय सहारा लिखता है- वाह लालू जी. अख़बार के अनुसार लालू यादव ने लोकलुभावन बजट की हेट्रिक लगा दी है. उनकी झोली में हर तबके के लिए कुछ न कुछ था.