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शुक्रवार, 24 फ़रवरी, 2006 को 12:20 GMT तक के समाचार

कहीं तारीफ़ तो कहीं आलोचना

भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने इस साल पेश किए गए रेल बजट की तारीफ़ की है.

उन्होंने कहा है कि यूपीए सरकार ने रेलवे को पटरी पर लाने का जो वायदा किया था वो इसमें सफल रही है.

दूसरी ओर विपक्ष ने आरोप लगाया है कि रेल बजट राजनीति से प्रेरित है और इसमें गुजरात, महाराष्ट्र, उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ की उपेक्षा की गई है. विपक्ष का कहना है कि इसमें केवल उन राज्यों की ओर ध्यान दिया गया है जहाँ पर विधानसभा चुनाव होने हैं.

यहाँ तक की वामपंथी दलों ने भी रेल बजट की आलोचना की है और कहा है कि उनकी भावनाओं का इसमें ध्यान नहीं रखा गया है. वामपंथी दलों का कहना है कि प्रधानमंत्री, वित्त मंत्री और रेल मंत्री को इससे अवगत करा दिया गया है.

सीपीएम नेता वासुवेद आचार्य का कहना था, "यदि देश के पूर्वी हिस्से पर ध्यान नहीं दिया गया और ग़लतियाँ नहीं सुधारी गईं तो रेल बजट के ख़िलाफ़ वोट दिया जाएगा."

सीपीएम नेता मोहम्मद सलीम ने कहा कि ईस्टर्न कॉरिडोर को लुधियाना तक ले जाया गया, जबकि लुधियाना ईस्टर्न कोरिडोर में नहीं आता है.

भाजपा के सांसद हरीन पानठ, अनंत कुमार और सत्यनारायण जटिया ने आरोप लगाया कि बजट से उन राज्यों को फ़ायदा होगा जहाँ विधानसभा चुनाव होने वाले हैं.

उनका कहना था कि रेल बजट में विकास परियोजनाओं पर ध्यान नहीं दिया गया है और जो नई ट्रेनें शुरू की गई हैं वे भी साप्ताहिक हैं.

जनता दल यू नेता दिग्विजय सिंह का कहना है कि रेलवे के सामने सबसे बड़ी समस्या सुरक्षा की है- चाहे वह आपराधिक घटना हो या तकनीकी खराबी.

उन्होंने रेल बजट पूरी तरह से दिशाहीन बताया है.