शुक्रवार, 24 फ़रवरी, 2006 को 18:14 GMT तक के समाचार
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा है कि भागलपुर में 1989 में हुए सांप्रदायिक दंगों के मामले की फिर से जाँच कराई जाएगी.
शुक्रवार को मंत्रिमंडल की बैठक में यह निर्णय लिए जाने के बाद पत्रकारों को संबोधित करते हुए नीतीश कुमार ने कहा कि पूरे मामले की फिर से जाँच करने की ज़रूरत है.
उन्होंने कहा, "दंगापीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए, उनके पुनर्वास के लिए जाँच का फिर से होना ज़रूरी है. जो मुक़दमे हुए उनकी भी जाँच ठीक तरह से नहीं हुई. 27 ऐसे मामले थे जिनमें सबूत होने के बावजूद केस पूरे मान लिए गए थे."
मामले की जाँच के लिए हाईकोर्ट के किसी पूर्व न्यायाधीश को नियुक्त किया जाएगा. जाँच समिति एक सदस्यीय ही होगी.
ग़ौरतलब है कि बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान एनडीए के तमाम नेता इस बात को बार-बार कहते रहे हैं कि भागलपुर दंगों की जाँच फिर से कराई जाएगी.
दंगे
इससे पहले की राजद सरकार पर एनडीए के नेताओं द्वारा यह आरोप लगाया जाता रहा है कि जातीय राजनीति के कारण कई दंगाइयों को बचाया गया जबकि कई दंगापीड़ित न्याय पाने से वंचित रह गए थे.
भागलपुर दंगे रामशिलापूजन के एक जूलूस पर हुए कथित हमले के बाद 24 अक्तूबर 1989 को भड़के थे.
भागलपुर में दंगों की शुरुआत ततारपुर में एक जुलूस पर हमले के बाद शुरु हुए थे.
इन दंगों के बाद पुलिस ने कुल 866 नामजद मामले दर्ज किए थे और अब तक 43 मामलों में 274 लोगों को दोषी पाया गया है और सज़ा सुनाई गई है.
557 मामलों में अंतिम प्रतिवेदन दिया गया है.