गुरुवार, 23 फ़रवरी, 2006 को 05:50 GMT तक के समाचार
अफ़ग़ानिस्तान ने पाकिस्तानी सेना से कहा है कि वह अपनी परमाणु मिसाइलों का नाम अफ़ग़ान इतिहास के नायकों के नाम पर रखना बंद करे.
अफ़ग़ानिस्तान के सूचना मंत्री सैयद मख़दूम राहीन ने बताया कि इस सिलसिले में उन्होंने पाकिस्तान सरकार को एक पत्र लिखा है.
राहीन ने कहा, "हमारे नायकों के नाम पर शैक्षणिक, सांस्कृतिक और शांति से जुड़ी चीज़ों के नाम रखे जाने चाहिए न कि विनाश और हिंसा के हथियारों के."
उन्होंने कहा, "महमूद ग़जनवी, अहमद शाह अब्दाली और मोहम्मद ग़ौरी ने अफ़ग़ानिस्तान की संस्कृति का प्रचार-प्रसार भारतीय उपमहाद्वीप में किया था."
परमाणु हथियार ले जाने की क्षमता रखने वाली पाकिस्तान की तीन मिसाइलों का नाम इन्हीं तीन अफ़ग़ान योद्धा-शासकों के नाम पर है.
पिछले सप्ताह ही पाकिस्तान ने ज़मीन से ज़मीन पर मार करने वाली मिसाइल हत्फ़2 अब्दाली का परीक्षण किया है.
पाकिस्तान ने इस मामले पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है.
अफ़ग़ानिस्तान के सूचना मंत्री ने कहा है कि पाकिस्तान इन नामों का इस्तेमाल सभागारों, स्कूलों और यूनिवर्सिटियों के लिए करे तो अफ़ग़ानिस्तान को कोई एतराज़ नहीं होगा.
पाकिस्तान और अफ़ग़ानिस्तान के रिश्ते तालेबान के पतन के बाद से तनावपूर्ण रहे हैं.
अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रपति कई बार प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से कह चुके हैं पाकिस्तान अफ़ग़ान चरमपंथियों के ख़िलाफ़ पर्याप्त कार्रवाई नहीं कर रहा है.
अफ़ग़ानिस्तान और भारत के संबंध तालेबान के दौर में अच्छे नहीं थे लेकिन अब राष्ट्रपति हामिद करज़ई की सरकार के साथ भारत के रिश्ते बहुत दोस्ताना हैं और भारत अफ़ग़ानिस्तान के पुनर्निर्माण में भारी आर्थिक सहायता कर रहा है.