गुरुवार, 23 फ़रवरी, 2006 को 02:59 GMT तक के समाचार
अमरीकी विदेश उपमंत्री निकोलस बर्न्स और भारतीय विदेश सचिव श्याम सरन के बीच चर्चा चल रही है.
संभावना है कि भारत और अमरीका के बीच परमाणु संधि को अंतिम रुप करने की कोशिश होगी क्योंकि दोनों की चाहते हैं कि अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज डब्लू बुश की भारत यात्रा से पहले कोई फ़ैसला हो जाए.
निकोलस बर्न्स और श्याम सरन के बीच ये तीसरे दौर की चर्चो होगी.
हालांकि इस समझौते को लेकर भारत और अमरीका दोनों देशों में आशंकाएँ जताई जा रही हैं लेकिन इसे निराधार बताते हुए दोनों देशों के नेता इस पर चर्चा कर रहे हैं.
मार्च के पहले सप्ताह में राष्ट्रपति बुश को भारत आना है और अभी भी परमाणु संधि के रास्ते में कई रुकावटें हैं.
उल्लेखनीय है कि गत वर्ष जुलाई में अपने अमरीका यात्रा के दौरान भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने परमाणु मामले में एक समझौता पत्र पर हस्ताक्षर किए थे.
हाल ही में निकोलस बर्न्स ने अपने एक बयान में कहा था कि भारत-अमरीका परमाणु संधि का मामला 90 प्रतिशत सुलझ गया है. इस बचे हुए 10 प्रतिशत में कई अहम सवाल हैं.
इसमें मुख्य रुप से असैनिक परमाणु ठिकानों की सूची और परमाणु ठिकानों को अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षकों के लिए खोलना है.
अमरीका चाहता है कि ज़्यादा से ज़्यादा परमाणु संयंत्रों को असैनिक संयंत्रों की सूची में डाल दे लेकिन भारत इसके लिए तैयार नहीं है.
विश्लेषक मानते हैं कि फ़्रांस के साथ हाल ही में हुए परमाणु समझौते से भारत का पक्ष कुछ मज़बूत हुआ है और इसका लाभ अमरीका के साथ संधि में भी होगा.