मंगलवार, 21 फ़रवरी, 2006 को 06:24 GMT तक के समाचार
भारत सरकार के एक मंत्रालय ने ये ज़रुर कह दिया हो कि बर्ड फ़्लू से घबराने की ज़रुरत नहीं है लेकिन इससे सरकार के दूसरे मंत्रालय ही सहमत नहीं दिखते.
इसका एक उदाहरण पेश करते हुए रेलवे मंत्रालय ने ट्रेनों में परोसे जाने वाले खाने की सूची से चिकन और अंडों को हटा दिया है.
दूसरी ओर राज्य सरकारें एक दूसरे राज्यों से चिकन और अंडों के लाए-ले जाए जाने पर रोक अलग से लगा रही हैं.
चिकन बाज़ार में वैसे भी अफ़रातफ़री का माहौल है और वहाँ बिक्री पर ख़ासा असर पड़ा है.
भारतीय रेल मंत्रालय के आदेश पर इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज़्म कॉर्पोरेशन (आईआरसीटीसी) ने मंगलवार से खाने की सूची से चिकन और अंडों को हटा दिया है.
आईआरसीटीसी के कार्यकारी निदेशक पीके गोयल ने बीबीसी को बताया कि चूँकि बीमारियाँ आमतौर पर यहाँ से वहाँ पहुँच जाती हैं इसलिए एहतियातन चिकन परोसना बंद कर दिया गया है.
उन्होंने बताया कि फिलहाल इसे तीन दिनों के लिए लागू किया गया है.
यह पूछे जाने पर कि क्या इससे रेल यात्रियों को कोई शिकायत नहीं होगी, उन्होंने कहा, "भारतीय यात्री तो वैसे भी शाकाहारी होते हैं."
उन्होंने कहा कि जो लोग मांसाहारी हैं उनके लिए मछलियाँ परोसी जा रही हैं.
उल्लेखनीय है कि भारत सरकार की ओर से कृषि मंत्री शरद पवार ने सोमवार को संसद में कहा था कि महाराष्ट्र के नंदुरबार में ज़िले में फैले बर्ड फ़्लू से घबराने की कोई ज़रुरत नहीं है और सरकार ने स्थिति पर कड़ी नज़र रखी है.
उधर महाराष्ट्र में बर्ड फ्लू से पीड़ित मुर्गियों को मारे जाने का कार्य चल रहा है.
सरकार ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था अभी तक बर्ड फ़्लू से किसी व्यक्ति के प्रभावित होने की कोई ख़बरें नहीं हैं.
ख़बरें हैं कि बर्ड फ़्लू की ख़बरों से भारतीय बाज़ार में मुर्गियों की बिक्री पर ख़ासा असर पड़ा है और कई राज्यों ने दूसरे राज्यों से मुर्गियों और अंडों के आयात निर्यात पर रोक लगा दी है.