मंगलवार, 21 फ़रवरी, 2006 को 12:21 GMT तक के समाचार
भारत के महाराष्ट्र राज्य में बर्ड फ़्लू बीमारी का पता चलने के बाद कम-से-कम नौ लोगों को बिल्कुल अलग-थलग रखकर उनकी जाँच की जा रही है.
इन सभी लोगों को खाँसी और बुख़ार की शिकायत के बाद अस्पताल में रखा गया है और इन लोगों ने मरी हुई मुर्गियों को छुआ था.
सभी मरीज़ महाराष्ट्र के नदुंरबार ज़िले के रहनेवाले हैं जहाँ पिछले शनिवार को मुर्गियों में बर्ड फ़्लू के वायरस होने की पुष्टि की गई थी.
शनिवार को भी वहाँ दो लोगों को अलग-थलग रखा गया था. अभी जिन सात नए लोगों को अलग रखा गया है उनमें अधिकतर बच्चे हैं.
इस बीच महाराष्ट्र में प्रभावित क्षेत्र में मुर्गियों को मारने का काम मंगलवार को भी जारी रहा.
ऐसी भी आशंका है कि शायद बर्ड फ़्लू के वायरस प्रदेश के और कई स्थानों तक चले गए हों.
अधिकारियों ने वहाँ कई और स्थानों से मरी हुई मुर्गियों के नमूनों को जाँच के लिए परीक्षणशाला में भेजा है.
मरीज़ों की जाँच
महाराष्ट्र के स्वास्थ्य विभाग के निदेशक पी पी डोके ने बीबीसी को बताया कि जिन सात लोगों को अलग-थलग किया गया है उनमें अधिकतर बच्चे हैं और उन्होंने मुर्गी फ़ार्मों में मरे हुए मुर्गे-मुर्गियों को छुआ था.
पी के डोके ने कहा,"उनलोगों को नवापुर अस्पताल में बिल्कुल अलग-थलग रखा गया है और वे वहाँ तबतक रहेंगे जबतक कि उनके ख़ून की जाँच की रिपोर्ट नहीं आ जाती".
प्रदेश के पशुपालन मंत्री अनीस अहमद ने बताया है कि जाँच की रिपोर्ट एक सप्ताह के भीतर आ सकती है.
लेकिन उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि अभी तक किसी व्यक्ति में बर्ड फ़्लू होने का एक भी मामला साबित नहीं हुआ है.
मुर्गियों को मारना
महाराष्ट्र के पशुपालन मंत्री ने बताया कि नवापुर में मुर्गियों को मारने का काम जारी है और ये काम बुधवार को पूरा होगा.
अनीस अहमद ने कहा,"नवापुर में 52 मुर्गी फ़ार्म हैं जिनमें से केवल आठ और मुर्गीफ़ार्मों में मुर्गियों का मारा जाना बाक़ी है".
उन्होंने साथ ही बताया कि हो सकता है कि बर्ड फ़्लू के वायरस प्रदेश के और स्थानों तक फैल चुके हों.
उन्होंने कहा कि हिंगोली शहर में 1000 पक्षी मरे पाए गए.
अनीस अहमद ने जानकारी दी कि मरे हुए पक्षियों के नमूनों को जाँच के लिए भोपाल भेजा गया है जहाँ से एक-दो दिन के भीतर रिपोर्ट आ जाएगी.