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मंगलवार, 21 फ़रवरी, 2006 को 02:59 GMT तक के समाचार

बेस्ट बेकरी का फ़ैसला अब 24 को

गुजरात के सांप्रदायिक दंगों के दौरान हुए बेस्ट बेकरी हत्याकांड के चर्चित मामले में मुंबई की विशेष अदालत ने फ़ैसला शुक्रवार, 24 फ़रवरी तक सुरक्षित रखा है.

पहले संभावना जताई जा रही थी कि फ़ैसला मंगलवार को ही आ जाएगा लेकिन अदालत ने इसे दो दिन के लिए और टाल दिया है.

मार्च 2002 में हुए इस हत्याकांड में दंगाइयों ने 14 लोगों को ज़िंदा जला दिया था जिसमें से 12 मुसलमान थे.

इस मामले में 21 लोगों को अभियुक्त बनाया गया था लेकिन इनमें से चार लोग अभी भी लापता हैं.

पहले गवाह न मिलने के कारण इस मामले को खारिज कर दिया गया था लेकिन अप्रैल 2004 में सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप से यह मामला मुंबई की एक विशेष अदालत में फिर से शुरु किया गया.

इसके अलावा मुख्य गवाह ज़ाहिरा शेख के बार-बार बयान बदलने से भी यह मामला पिछले बरसों में चर्चा में रहा है.

पहले इस मामले की सुनवाई वड़ोदरा में हुई हुई थी लेकिन जून 2003 में गवाहों के अभाव में सभी 21 अभियुक्तों को बरी कर दिया गया था.

इसके बाद कुछ सामाजिक संगठनों के हस्तक्षेप से मानवाधिकार संगठन ने इस मामले की जाँच की और सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले को फिर से शुरु करने के निर्देश दिए.

एक जनहित याचिका में यह भी अनुरोध किया गया कि यह मामला गुजरात से बाहर चले और इसे स्वीकार करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने मुंबई की एक विशेष अदालत में सुनवाई करने का फ़ैसला किया.

इस बीच इस मामले की मुख्य गवाह ज़ाहिरा शेख ने कई बार अपने बयान बदले. आख़िर में अदालत को इसकी भी जाँच करवानी पड़ी और जाँच में पाया गया कि हो सकता है कि ज़ाहिरा शेख़ को प्रलोभन दिया गया होगा.

माना जा रहा है कि यह फ़ैसला गुजरात दंगों के मामले में काफ़ी महत्वपूर्ण होगा.