सोमवार, 20 फ़रवरी, 2006 को 07:39 GMT तक के समाचार
मुंबई पुलिस के मुठभेड़ विशेषज्ञ के रुप में चर्चित रहे दया नायक ने अपने साथी राजेंद्र फ़ड़ते के साथ एक विशेष अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया है.
अदालत ने दोनों की ज़मानत अर्जी खारिज करते हुए उन्हें आत्मसमर्पण के लिए सोमवार को दोपहर तक का समय दिया था.
हाईकोर्ट ने दया नायक की पत्नी कोमल को ज़मानत दे दी थी.
उल्लेखनीय है कि मुंबई पुलिस में सब इंस्पेक्टर रहे दया नायक पर आय से अधिक संपत्ति का मामला चल रहा है और उन्हें पुलिस से निलंबित कर दिया गया है.
दया नायक इन आरोपों से इनकार करते हैं.
इससे पहले दया नायक ने मुंबई पुलिस के अधिकारियों के ख़िलाफ़ आरोप लगाए हैं कि उन्हें फँसाया जा रहा है और जिन अफ़सरों ने उन्हें मुठभेड़ के लिए बंदूक थमाई अब वे ही उन्हें कटघरे में खड़ा कर रहे हैं.
उन्होंने अपनी जान को ख़तरा बताते हुए कहा था कि उनके दुश्मन उनकी जान ले सकते हैं.
नायक से खलनायक
मुंबई पुलिस की अपराध गुप्तचर शाखा के इंस्पेक्टर और 'एनकाउंटर माहिर' कहे जाने वाले दया नायक से किसी ज़माने में अपराधी ख़ौफ़ खाते थे.
दया नायक का दावा रहा है कि उन्होंने 83 अपराधियों को मुठभेड़ में मारा है.
दया नायक की शुरुआत बहुत साधारण सी थी. वो 1979 में कर्नाटक के एक गाँव से मुंबई में अपना भाग्य आजमाने पहुंचे थे.
वो 1995 में मुंबई पुलिस में सब-इंस्पेक्टर बने और जल्द ही वो पुलिस के उस दल में शामिल हो गए जिसे ऊपर मुंबई के अपराधियों का सफ़ाया करने की ज़िम्मेदारी सौंपी गई थी.
उनके इंटरव्यू लगातार मीडिया में आते रहे और उनके जीवन पर आधारित कई फ़िल्में बनी हैं जिनमें से 'कगार' और 'अब तक 56' शामिल हैं.
फ़िल्म सितारों से उनकी दोस्ती थी. नाना पाटेकर ने 'अब तक 56' के निर्माण के दौरान उनके साथ कई दिन बिताए थे. अमिताभ बच्चन को वे कर्नाटक के अपने गाँव के प्राथमिक विद्यालय का उदघाटन कराने ले गए थे.
लेकिन भ्रष्टाचार और आय से अधिक संपत्ति के आरोपों के कारण अब उन्हें पुलिस से निलंबित कर दिया गया है.