रविवार, 19 फ़रवरी, 2006 को 17:25 GMT तक के समाचार
फ़्रांस के राष्ट्रपति ज़्याक़ शिराक भारत की दो दिन की यात्रा पर रविवार शाम राजधानी दिल्ली पहुँचे.
उनकी यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच शांतिपूर्ण परमाणु ऊर्जा, रक्षा मुद्दों व आपसी महत्व के अन्य कई विषयों पर समझौते होंगे.
1998 में राष्ट्रपति बनने के बाद से शिराक़ की ये दूसरी भारत यात्रा है. इससे पहले 1976 में भी शिराक भारत गए थे जब वह फ्रांस के प्रधानमंत्री थे.
शिराक के साथ उनकी पत्नी और एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी भारत गए हैं.
इस प्रतिनिधिमंडल में पाँच मंत्री और फ़्रांस की 30 कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारी शामिल हैं.
कार्यक्रम
फ़्रांस के राष्ट्रपति अपने दौरे में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के अतिरिक्त देश के राष्ट्रपति ए पी जे अब्दुल कलाम, सत्ताधारी गठबंधन की अध्यक्ष सोनिया गांधी और विपक्ष के नेता लालकृष्ण आडवाणी से भी मुलाक़ात करेंगे.
शिराक भारत के व्यापार जगत के प्रतिनिधियों से भी मिलेंगे जिनमें लक्ष्मी मित्तल का भी नाम शामिल है.
पिछले दिनों फ्रांस ने यूरोपीय स्टील कंपनी आर्सेलर के अधिग्रहण का विरोध किया था जिसके बाद भारत सरकार ने फ्रांस के रवैये पर चिंता जताई थी.
इसके अलावा पिछले दिनों फ्रांस के एक बेकार हो चुके युद्धपोत क्लेमांसू को तोड़ने के लिए भारत भेजने को लेकर भी ख़ासा विवाद हुआ था और अंततः शिराक को इस युद्धपोत को वापस बुलान पड़ा.
सोमवार को वे दिल्ली में विज्ञान भवन में भारत-फ्रांस आर्थिक सहयोग पर एक बैठक को संबोधित करेंगे.
इसी दिन शिराक के साथ गए व्यापारिक प्रतिनिधियों और भारतीय व्यावसायियों के बीच चर्चा होगी.
मुद्दे
भारत और फ़्रांस सरकार के बीच सितंबर 2005 में भी अनेक मुद्दों पर चर्चा हुई थी जब भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह फ़्रांस गए थे.
दोनों नेताओं के बीच इस बार भी कई मुद्दों पर व्यापक चर्चा होगी.
समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार दोनों पक्षों के बीच परमाणु ऊर्जा के शांतिपूर्ण प्रयोग, रक्षा सहयोग और पर्यटन से संबंधित सहमतियों पर दस्तख़त किए जाएँगे.
कई अन्य क्षेत्रों में सहयोग के अतिरिक्त इस दौरान इंडियन एयरलाइंस के लिए यूरोपीय कंपनी एयरबस से 43 विमानों की ख़रीद के बारे में भी कोई औपचारिक समझौता होना है.
पिछली बार 1998 में शिराक की यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी पर सहमति हुई थी.
फ़्रांस भारत का एक महत्वपूर्ण व्यापार और निवेश साझीदार भी है.
दोनों पक्षों के बीच अगले पाँच वर्षों में आपसी व्यापार को 3.5 अरब यूरो से बढ़ाकर दोगुना करने पर सहमति हो चुकी है.
फ़्रांस 1991 से लेकर अभी तक भारत में 76 करोड़ डॉलर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश कर चुका है.